जीते जी बहू ने मार डाला, सास दे रही खुद के जिंदा होने का सबूत
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महिला की बेटी ने बताया कि इससे पहले भी मां का इसी साल जनवरी में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर मकान के नामांतरण की कोशिश की गई थी।रतनलाल नगर एमआईजी कालोनी के मकान नंबर-1124 निवासी सरस्वती देवी खट्टर का मृत्यु प्रमाणपत्र बनने के लिए आवेदन किया गया।
आवेदनकर्ता का नाम राखी खट्टर लिखा गया। आवेदन में सरस्वती देवी की मृत्यु 11 मई 2011 को बताते हुए डॉक्टर का प्रमाणपत्र और स्वर्गाश्रम में दाह संस्कार की रसीद, हलफनामा समेत लगाई गई। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने जोन-5 के जोनल स्वच्छता निरीक्षक आरसी गंगवार को इसकी जांच के लिए भेजा। जोनल स्वच्छता निरीक्षक को सरस्वती देवी जीवित मिलीं।