कानपुर में फर्जी कॉल सेंटर: तड़के पांच बजे तक चली रेड, कार से भगाने का प्रयास, चार युवतियों समेत 11 हिरासत में
Kanpur News: जाजमऊ में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर 11 घंटे चली रेड में 11 लोग हिरासत में लिए गए हैं। कार्रवाई के दौरान प्राइवेट गाड़ी से आरोपियों को भगाने के प्रयास और मीडिया से अभद्रता को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं।
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कानपुर पुलिस ने सोमवार शाम को जाजमऊ के मदीना मस्जिद में तीन मंजिला अपार्टमेंट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर में छापेमारी कर 11 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कॉल सेंटर से अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को लोन सेटेलमेंट के नाम पर ठगा जा रहा था। जाजमऊ के मदीना मस्जिद के पास बने जम जम अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था।
यहां पर सोमवार शाम छह बजे क्राइम ब्रांच, साइबर सेल की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। इस दौरान टीम ने करीब 11 घंटे तक छापेमारी की। छापेमारी मंगलवार तड़के सुबह पांच बजे खत्म हुई। कॉल सेंटर चलाने वाला कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इस कॉल सेंटर से अमेरिका, यूरोप के लोगों को लोन सेटेलमेंट के नाम पर ठगा जा रहा था।
10-15 हजार प्रतिमाह के हिसाब से मिलती थी तनख्वाह
इस फर्जी कॉल सेंटर में काम करने वाले प्रति कर्मचारी को 10-15 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तनख्वाह मिलती थी। इनकी 8-10 घंटे की ड्यूटी रहती थी। पुलिस की टीमें चार युवती, सात युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक काम करने वाले कर्मचारियों को एक पेपर में इंग्लिश में लिख कर दिया जाता था। वह वही पढ़कर कॉल कर ठगी करते थे।
साइबर सेल में दर्ज की जा रही है रिपोर्ट
इधर, छापेमारी के बाद देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। इस दौरान स्पा, हुक्का बार संचालक समेत कई नेता पैरवी में भी जुटे रहे। कार्रवाई के दौरान एक प्राइवेट नंबर की गाड़ी काले शीशे लगे अंदर आती जाती रही। थाना प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि रिपोर्ट साइबर सेल में दर्ज की जा रही है। प्राइवेट गाड़ी के अंदर जाने की अनुमति किसने दी। इसकी जांच की जा रही है।
शिवगोदावरी पुलिस के मौजूद होने पर मीडिया से की गई अभद्रता
घटना के बाद कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों से आसपास मौजूद 40-50 लड़कों ने गाली-गलौज कर अभद्रता की। मीडिया के मोबाइल छीन कर तोड़ने का प्रयास किया गया। यह पूरा घटनाक्रम का वीडियो भी मीडियाकर्मियों के पास मौजूद है। घटना के दौरान शिवगोदावरी पुलिस मूर्कदर्शक बनकर खड़ी रही।
प्राइवेट गाड़ी से अंदर मौजूद लोगों को भगाने का था प्रयास
घटना के बाद देर रात तक अंदर मौजूद लोगों की आवभगत होती रही। बिरयानी, अंडा करी समेत अन्य सामान उनके लिए जाता रहा। वहीं, पुलिस की गाड़ी अंदर लगने के बजाए एक काले रंग की प्राइवेट नंबर की गाड़ी अंदर गई। जिसमें फर्जी कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक व युवतियों को बैठाकर भगाने का प्रयास किया जा रहा था। इतना ही नहीं, चेहरा न दिखे। इसके लिए कार में काली फिल्म भी लगाई गई थी। हालांकि, मौके से कुछ लड़कियों के परिजन उनको लेकर चले गए थे।