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कानपुर: जिला अस्पताल में बुखार पीड़ित बच्चे को चढ़ाया एक्सपायर्ड ग्लूकोज, जांच में स्टोर इंचार्ज समेत कई दोषी
Fri, 10 Sep 2021 12:37 AM IST
सुशील कुमार कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 10 Sep 2021 12:37 AM IST
सार
आधी बोतल चढ़ने के बाद पिता ने हंगामा किया तो हड़कंप मच गया। सीएमओ ने मौके पर जाकर छानबीन की। वहीं डीएम के निर्देश पर गठित हुई दो सदस्यीय जांच टीम ने उपचारिका, इमरजेंसी स्टोर इंचार्ज व मुख्य स्टोर इंचार्ज को दोषी पाया है।
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बुखार से पीड़ित बच्चा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में डेंगू व बुखार के मरीज सरकारी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, लेकिन यहां पर उनकी सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। गुरुवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बुखार पीड़ित नौ वर्षीय बालक को एक्सपायर ग्लूकोज की बोतल लगा दी गई।
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आधी बोतल चढ़ने के बाद पिता ने हंगामा किया तो हड़कंप मच गया। सीएमओ ने मौके पर जाकर छानबीन की। वहीं डीएम के निर्देश पर गठित हुई दो सदस्यीय जांच टीम ने उपचारिका, इमरजेंसी स्टोर इंचार्ज व मुख्य स्टोर इंचार्ज को दोषी पाया है। मामले में अब डीएम ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश सीएमएस को जारी किए हैं।
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रूरा कस्बा के वार्ड नंबर एक सुभाषनगर निवासी अश्वनी पांडेय के नौ वर्षीय पुत्र कुशाग्र पांडेय को बुखार आ रहा था। गुरुवार सुबह पिता ने उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। नर्सिंग स्टाफ ने बुखार कम करने के लिए बालक को ग्लूकोज की बोतल लगा दी। आधी बोतल चढऩे के बाद अश्वनी पांडेय की नजर ग्लूकोज की बोतल पर गई तो वह मई 2021 में एक्सपायर मिली। जिसपर उसने हंगामा शुरू कर दिया।
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बालक को एक्सपायर ग्लूकोज बोतल चढऩे की जानकारी पर इमरजेंसी वार्ड के नर्सिंग स्टाफ में हड़कंप मच गया। मामले को दबाने के लिए आनन-फानन में एक्सपायर ग्लूकोज बोतल को हटाकर नई बोतल लगा दी गई। मामले की जानकारी सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता को हुई तो उन्होंने मौके पर जाकर एक्सपायर ग्लूकोज बोतल को डस्टबिन से निकलवाया। पूछताछ के दौरान मौजूद स्टाफ नर्स कंचन ने बोतल किसी और के रखने की बात कही।
फटकार लगाने पर नर्स ने सुबह आठ बजे से पहले के नर्सिंग स्टाफ द्वारा ग्लूकोज बोतल लगाने की जानकारी दी। जिला अस्पताल में एक्सपायर ग्लूकोज बोतल चढ़ाए जाने की जानकारी पर डीएम ने सीएमओ डॉ. एके सिंह को मौके पर भेजा। जिस पर बालक को एक्सपायर ग्लूकोज बोतल लगाए जाने की पुष्टि हुई। विस्तृत जांच के लिए गठित अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रामशिरोमणि व एसीएमओ डॉ. वीपी सिंह की टीम शाम को अस्पताल पहुंची।
जिसमें बालक को एक्सपायर ग्लूकोज की बोतल लगाने वाली उपचारिका शशी चौधरी, इमरजेंसी स्टोर में 15 एक्सपायर ग्लूकोज बोतल मिलने पर इंचार्ज उपचारिका कंचन देवी व ग्लूकोज बोतलों में गड़बड़ी करने पर मुख्य स्टोर इंचार्ज इंद्रपाल भाटिया को दोषी पाया गया। जांच टीम ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती बच्चे को एक्सपायर ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने की जांच अतिरिक्त मजिस्ट्रेट व एसीएमओ से कराई गई है। जिसमें इमरजेंसी की उपचारिका, इमरजेंसी स्टोर इंचार्ज उपचारिका व मुख्य स्टोर इंचार्ज को दोषी पाया गया है। तीनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश सीएमएस को दिए गए हैं।
-जितेंद्र प्रताप (जिलाधिकारी)