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प्रापर्टी सेल पर टैक्स छूट की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Sun, 24 Jan 2016 01:47 AM IST
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आगामी बजट में संपत्ति की बिक्री करने वालों को लाभ पर दिए जाने वाले टैक्स में राहत मिल सकती है। टैक्स रिफार्म कमेटी की सिफारिशों पर अमल हुआ तो संपत्ति की बिक्री वाली तिथि के बजाय संपत्ति के एग्रीमेंट के समय वाली कीमतों पर टैक्स देना होगा।
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इससे बिल्डरों को तो लाभ मिलेगा ही, वे लोग भी दायरे में आएंगे, जिनकी जमीन की कीमत पहले से कम हो चुकी है। आयकर की धारा 50 सी के तहत वर्तमान में यह प्रावधान है कि जमीन या भवन बेचने में होने वाले लाभ पर 20 फीसदी टैक्स देना होता है।
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खास बात यह है कि संपत्ति चाहे जितने की बिके लेकिन टैक्स सर्किल रेट के हिसाब से लिया जाता है। मसलन किसी की जमीन 40 लाख रुपये में बिकती है और सर्किल रेट के हिसाब से उसकी कीमत 50 लाख है तो उसे टैक्स 50 लाख पर ही देना होगा। टैक्स रिफार्म कमेटी ने इस धारा में संशोधन की सिफारिश की है।
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कहा है कि जमीन की बिक्री के समय लागू सर्किल रेट के बजाय एग्रीमेंट के समय वाले सर्किल रेट से टैक्स लिया जाए। इससे करदाता को टैक्स में थोड़ी राहत मिलेगी।
कमेटी ने यह भी जोड़ा है कि एग्रीमेंट उसी का वास्तविक माना जाए, जिसने बयाने के तौर पर 10 हजार रुपये से अधिक की रकम बैंक (चेक या ड्राफ्ट) के जरिये दी हो। नगद में भुगतान को अग्रिम भुगतान नहीं माना जाएगा।
गठित की कमेटी
वित्त मंत्रालय ने इनकम टैक्स एक्ट की जटिलताओं को सरल करने के लिए 17 अक्तूबर 2015 को दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आरवी ईश्वर की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय टैक्स रिफार्म कमेटी गठित की थी। कमेटी ने इनकम टैक्स के प्रावधानों पर विचार विमर्श कर 16 जनवरी को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। माना जा रहा है कि आने वाले बजट में कमेटी की सिफारिशों को शामिल किया जाएगा।