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Exclusive: एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर कानपुर में अफसर की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा, अपात्र को बनाया पात्र
Wed, 15 Mar 2023 12:23 PM IST
शिखा पांडेय
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 15 Mar 2023 12:23 PM IST
सार
एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर कानपुर में सीनियर मैनेजर पद पर हुई भर्ती में साक्षात्कार के नंबरों की कंप्यूटर लिस्ट में पेन से नंबर घटा और बढ़ाकर अपात्र को पात्र और पात्र को अपात्र बना दिया गया। इसके बाद सीनियर मैनेजर (ट्रेनिंग) का नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया।
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एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर के उद्योगों को कुशल कामगार देने के लिए फजलगंज अथर्टन मिल में बने एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर कानपुर में अफसर की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आया है। सीनियर मैनेजर पद पर हुई भर्ती में साक्षात्कार के नंबरों की कंप्यूटर लिस्ट में पेन से नंबर घटा और बढ़ाकर अपात्र को पात्र और पात्र को अपात्र बना दिया गया। इसके बाद सीनियर मैनेजर (ट्रेनिंग) का नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया।
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दूसरे अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में सवाल खड़े कर एमएसएमई विकास आयुक्त और सचिव से शिकायत की है। इसके अलावा हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की है। टेक्नोलॉजी सेंटर का संचालन इंडो डैनिश टूल रूम (आईडीटीआर) जमशेदपुर कर रहा है। वहीं के अफसर नियुक्ति भी कर रहे हैं। जो अफसर नियुक्ति कर रहा है, उसके खिलाफ आय से अधिक मामले में सीबीआई और ईडी जांच कर रही है।
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शिकायतकर्ता के अनुसार टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सहायक मैनेजर, परचेज अफसर, स्टोर अफसर, सीनियर इंजीनियर डिजाइन, सीनियर मैनेजर उत्पादन और मेंटेनेंस, सीनियर टेक्नीशियन, सीनियर टेक्नीशियन मेंटेनेंस, इलेक्ट्रिकल, सीनियर मैनेजर ट्रेनिंग, मैनेजर मैकेनिकल, सीनियर इंजीनियर ट्रेनिंग के अलग-अलग 12 पदों के लिए सितंबर 2022 में विज्ञापन निकाला था। भर्ती पांच साल के लिए होनी थी। इसमें सीनियर मैनेजर (ट्रेनिंग) की परीक्षा कराई गई। 54 अभ्यर्थी चयनित किए गए। साक्षात्कार के बाद 12 की सूची बनाई गई। इसमें ही फर्जीवाड़ा किया गया।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
भुवनेश्वर टूल रूम के भूतपूर्व जनरल मैनेजर की बेटी रितु मैती को चौथा स्थान मिला था। बाद में वरीयता क्रम में बदलाव कराकर उनका चयन करा दिया गया। उन्हें साक्षात्कार में 100 में 63 अंक मिले। हालांकि उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 9वें स्थान पर रहे और रांची के रहने वाले चंद्र किशोर का चयन हुआ। चंद्र किशोर को साक्षात्कार में पहले 59 अंक मिले थे। बाद में बढ़ाकर 62 कर दिए गए, जबकि रितु मैती के बाद दूसरे स्थान पर जोगिंदर सिंह थे। उन्हें 63 अंक मिले थे। उनके अंक घटाकर 61 कर दिए गए। इसके अलावा अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा के अंक भी सूची में प्रदर्शित नहीं किए गए।
भुवनेश्वर टूल रूम के भूतपूर्व जनरल मैनेजर की बेटी रितु मैती को चौथा स्थान मिला था। बाद में वरीयता क्रम में बदलाव कराकर उनका चयन करा दिया गया। उन्हें साक्षात्कार में 100 में 63 अंक मिले। हालांकि उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 9वें स्थान पर रहे और रांची के रहने वाले चंद्र किशोर का चयन हुआ। चंद्र किशोर को साक्षात्कार में पहले 59 अंक मिले थे। बाद में बढ़ाकर 62 कर दिए गए, जबकि रितु मैती के बाद दूसरे स्थान पर जोगिंदर सिंह थे। उन्हें 63 अंक मिले थे। उनके अंक घटाकर 61 कर दिए गए। इसके अलावा अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा के अंक भी सूची में प्रदर्शित नहीं किए गए।
जिसकी सीबीआई और ईडी कर रही जांच, उसी को परीक्षा की जिम्मेदारी
जमशेदपुर में तैनात सीनियर प्रबंधक आशुतोष कुमार को परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई और ईडी जांच कर रही है, जबकि एमएसएई मंत्रालय ने आदेश जारी करके उन्हें किसी भी प्रशासनिक, वित्तीय जिम्मेदारी न देने को कहा था।
डीजीएम पद पर नहीं की जा रही भर्ती
सभी टेक्नोलॉजी सेंटर में सबसे पहले डीजीएम की भर्ती की जाती है। यहां पर मानकों को दरकिनार करके दूसरे पदों पर भर्ती की जा रही है।
जमशेदपुर में तैनात सीनियर प्रबंधक आशुतोष कुमार को परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई और ईडी जांच कर रही है, जबकि एमएसएई मंत्रालय ने आदेश जारी करके उन्हें किसी भी प्रशासनिक, वित्तीय जिम्मेदारी न देने को कहा था।
डीजीएम पद पर नहीं की जा रही भर्ती
सभी टेक्नोलॉजी सेंटर में सबसे पहले डीजीएम की भर्ती की जाती है। यहां पर मानकों को दरकिनार करके दूसरे पदों पर भर्ती की जा रही है।
अभ्यर्थी ने दाखिल की याचिका
कानपुर के रवि कुमार ने परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाकर जनवरी 2023 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। आरोप लगाया कि चहेतों को साक्षात्कार की जानकारी डाक से भेजी गई, जबकि अन्य को ई-मेल किया गया। जब वहां पहुंचे तो कहा गया कि ई-मेल से किसी को नहीं बुलाया गया है। मनचाहे अफसरों को परीक्षा बोर्ड बनाकर महाप्रबंधक आईडीटीआर जमशेदपुर से इसका सहमति पत्र भी जारी करवा लिया गया। उन्होंने एमएसएमई सचिव और विकास आयुक्त से भी पूरे मामले की शिकायत की है।
कानपुर के रवि कुमार ने परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाकर जनवरी 2023 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। आरोप लगाया कि चहेतों को साक्षात्कार की जानकारी डाक से भेजी गई, जबकि अन्य को ई-मेल किया गया। जब वहां पहुंचे तो कहा गया कि ई-मेल से किसी को नहीं बुलाया गया है। मनचाहे अफसरों को परीक्षा बोर्ड बनाकर महाप्रबंधक आईडीटीआर जमशेदपुर से इसका सहमति पत्र भी जारी करवा लिया गया। उन्होंने एमएसएमई सचिव और विकास आयुक्त से भी पूरे मामले की शिकायत की है।
कई मंत्री कर चुके हैं टेक्नोलॉजी सेंटर का निरीक्षण
औद्योगिक इकाइयों के लिए प्रशिक्षित कामगार तैयार करने के उद्देश्य से फजलगंज स्थित अथर्टन मिल परिसर में 110 करोड़ से बने सेंटर का निर्माण चार वर्ष पहले हो चुका है। हालांकि आज तक इसका उद्घाटन नहीं किया गया। तब से लेकर अब तक केंद्र और प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों, स्थानीय सांसद और विधायक की तरफ से इसका निरीक्षण किया जा चुका है। वर्तमान में बेहद सीमित स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं।
औद्योगिक इकाइयों के लिए प्रशिक्षित कामगार तैयार करने के उद्देश्य से फजलगंज स्थित अथर्टन मिल परिसर में 110 करोड़ से बने सेंटर का निर्माण चार वर्ष पहले हो चुका है। हालांकि आज तक इसका उद्घाटन नहीं किया गया। तब से लेकर अब तक केंद्र और प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों, स्थानीय सांसद और विधायक की तरफ से इसका निरीक्षण किया जा चुका है। वर्तमान में बेहद सीमित स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं।