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इटावा: वैक्सीनेशन देख भागी महिला, बोली मर जाएं चाहें सुई नहीं लगवाएंगे, एक घंटे ड्रम के पीछे छिपी रही
Thu, 03 Jun 2021 10:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 03 Jun 2021 10:24 PM IST
सार
इटावा में वैक्सीनेशन सेंटर पर अपने पति को लेकर पहुंची महिला घर भाग गई। पूछने पर बताया कि मर जाएं चाहें, लेकिन सुई नहीं लगवाएंगे।
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वैक्सीनेशन के नाम पर ड्रम के पीछे छिपी महिला
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
केंद्र व प्रदेश सरकार एक ओर कोरोना टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर कई तरह की आशंकाओं के बीच लोग टीका नहीं लगवा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य अफसर उन्हें समझाने का प्रयास तो कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण हैं कि मानने को तैयार नहीं हैं।
कुछ ऐसा ही हाल बृहस्पतिवार को चकरनगर के चांदई गांव व इकदिल के चांदनपुर में देखने को मिला। कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए बृहस्पतिवार को चकरनगर के चांदई गांव में टीकाकरण कैंप लगाया गया था। जहां विकलांग पति को लेकर आई सूरजमुखी दिवाकर (55) ने वैक्सीनेशन होते देखा घर के लिए दौड़ लगा दी। इस पर स्वास्थ्य टीम ने उसे रोक कर भागने का कारण पूछा, तो उसने बताया कि मर जाएं चाहें, लेकिन सुई नहीं लगवाएंगे।
वैक्सीनेशन से भयभीत महिला अपनी जिद पर अड़ी रही और लाख समझाने के बावजूद वैक्सीनेशन नहीं करवाया। डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव ने महिला को बैठाकर वैक्सीनेशन के बारे में 25 मिनट तक समझाया, लेकिन महिला पर किसी बात का कोई असर नहीं पड़ा। जबकि महिला ने अपने विकलांग पति का वैक्सीनेशन करवाया। लेकिन खुद वैक्सीनेशन नहीं करवाया।
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कुछ ऐसा ही हाल बृहस्पतिवार को चकरनगर के चांदई गांव व इकदिल के चांदनपुर में देखने को मिला। कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए बृहस्पतिवार को चकरनगर के चांदई गांव में टीकाकरण कैंप लगाया गया था। जहां विकलांग पति को लेकर आई सूरजमुखी दिवाकर (55) ने वैक्सीनेशन होते देखा घर के लिए दौड़ लगा दी। इस पर स्वास्थ्य टीम ने उसे रोक कर भागने का कारण पूछा, तो उसने बताया कि मर जाएं चाहें, लेकिन सुई नहीं लगवाएंगे।
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वैक्सीनेशन से भयभीत महिला अपनी जिद पर अड़ी रही और लाख समझाने के बावजूद वैक्सीनेशन नहीं करवाया। डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव ने महिला को बैठाकर वैक्सीनेशन के बारे में 25 मिनट तक समझाया, लेकिन महिला पर किसी बात का कोई असर नहीं पड़ा। जबकि महिला ने अपने विकलांग पति का वैक्सीनेशन करवाया। लेकिन खुद वैक्सीनेशन नहीं करवाया।
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टीका लगवाने के डर से घर में छिप गई महिला
इटावा के इकदिल क्षेत्र के ग्राम चांदनपुर में वैक्सीनेशन कार्य का जायजा लेने पहुंची सदर विधायक सरिता भदौरिया ने ग्रामीणों से टीका लगवाने की अपील करने के दौरान जब एक घर पर पहुंची तो बुजुर्ग महिला घर के अंदर टीका न लगवाने की बात कह कर बड़े ड्रम के पीछे छिप गई। काफी देर बाद महिला को आवाज देकर घर से बाहर बुलाए जाने के बाद भी डरी महिला ने टीका लगवाने से इंकार कर दिया। आखिरकार वैक्सीनेशन करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लौट आई। महिला का नाम हरदेवी (62) पत्नी गंगादीन बताया जाता है।
वैक्सीनेशन को लेकर युवाओं में जोश
मंगलवार से जिले में 18 से 44 वर्ष के लोगों के शुरू हुए वैक्सीनेशन को लेकर युवाओं में जोश और उत्साह है। वह अपने निर्धारित वैक्सीनेशन कैंपों में टीकाकरण कराने पहुंच रहे हैं। मेडिकल केयर यूनिट और प्रेस क्लब भवन पर वैक्सीनेशन करवाने बड़ी संख्या में 18 साल से ऊपर के लोग आ रहे हैं। जो लक्ष्य पूरा होने के बाद भी आ रहे हैं।
वैक्सीनेशन कार्य के अन्य केंद्रों पर पूर्व की तरह 45 साल से ऊपर के लोग टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर कुछ उम्र दराज ग्रामीण ऐसे भी हैं जो लाख समझाने के बावजूद टीका नहीं लगवा रहे हैं। ऐसा दो मामला चकरनगर व इकदिल का सामने आया है। ऐसा लगता है गांवों में अभी भी जागरूकता की कमी है। इस वजह से जब अधिक उम्र के लोग वैक्सीनेशन कराने से डरेंगे तो इसका असर अन्य ग्रामीणों पर भी पड़ सकता है।
इटावा के इकदिल क्षेत्र के ग्राम चांदनपुर में वैक्सीनेशन कार्य का जायजा लेने पहुंची सदर विधायक सरिता भदौरिया ने ग्रामीणों से टीका लगवाने की अपील करने के दौरान जब एक घर पर पहुंची तो बुजुर्ग महिला घर के अंदर टीका न लगवाने की बात कह कर बड़े ड्रम के पीछे छिप गई। काफी देर बाद महिला को आवाज देकर घर से बाहर बुलाए जाने के बाद भी डरी महिला ने टीका लगवाने से इंकार कर दिया। आखिरकार वैक्सीनेशन करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लौट आई। महिला का नाम हरदेवी (62) पत्नी गंगादीन बताया जाता है।
वैक्सीनेशन को लेकर युवाओं में जोश
मंगलवार से जिले में 18 से 44 वर्ष के लोगों के शुरू हुए वैक्सीनेशन को लेकर युवाओं में जोश और उत्साह है। वह अपने निर्धारित वैक्सीनेशन कैंपों में टीकाकरण कराने पहुंच रहे हैं। मेडिकल केयर यूनिट और प्रेस क्लब भवन पर वैक्सीनेशन करवाने बड़ी संख्या में 18 साल से ऊपर के लोग आ रहे हैं। जो लक्ष्य पूरा होने के बाद भी आ रहे हैं।
वैक्सीनेशन कार्य के अन्य केंद्रों पर पूर्व की तरह 45 साल से ऊपर के लोग टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर कुछ उम्र दराज ग्रामीण ऐसे भी हैं जो लाख समझाने के बावजूद टीका नहीं लगवा रहे हैं। ऐसा दो मामला चकरनगर व इकदिल का सामने आया है। ऐसा लगता है गांवों में अभी भी जागरूकता की कमी है। इस वजह से जब अधिक उम्र के लोग वैक्सीनेशन कराने से डरेंगे तो इसका असर अन्य ग्रामीणों पर भी पड़ सकता है।