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आगरा में जेकेवी सोसायटी के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच करेगा ईओडब्ल्यू, मंगाए गए मुकदमे से संबंधित दस्तावेज
Sat, 14 Nov 2020 10:24 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 14 Nov 2020 10:24 AM IST
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आगरा के जेकेवी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के खिलाफ मुकदमे की जांच अब आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा(ईओडब्ल्यू) के सुपुर्द की गई है। पिछले साल शमसाबाद के व्यक्ति ने आगरा के हरिपर्वत थाने में 15 आरोपियों के खिलाफ निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये हड़पने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
ईओडब्ल्यू के एसपी बाबूराम ने बताया कि गौतम सिंह ने दिसंबर 2019 को आगरा में मुकदमा दर्ज कराया था। गौतम सिंह की छह साल पहले प्रवीण कुमार से मुलाकात हुई। प्रवीण ने जेकेवी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के नाम से दफ्तर खोलने की जानकारी दी।
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ईओडब्ल्यू के एसपी बाबूराम ने बताया कि गौतम सिंह ने दिसंबर 2019 को आगरा में मुकदमा दर्ज कराया था। गौतम सिंह की छह साल पहले प्रवीण कुमार से मुलाकात हुई। प्रवीण ने जेकेवी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के नाम से दफ्तर खोलने की जानकारी दी।
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हेड ब्रांच लखनऊ में बता कर खुद को आगरा ब्रांच का जोनल हेड मैनेजर बताया था। कंपनी में निवेश करने पर एक निश्चित समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर कई लोगों का करोड़ों रुपये का निवेश करवाया। इस दौरान आरोपी ने उन्हें अन्य निवेशकों को अपनी ब्रांच पर मीटिंग के लिए बुलाया।
गौतम की मुलाकात सोसाइटी के डॉयरेक्टरों नरेंद्र पाल सिंह, कुंवर राजेश कुमार, अर्चना पाठक, विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, विकास नाथ त्रिपाठी, निर्मला दुबे के साथ कराई गई। इसके बाद गौतम उनके साथ काम करने लगे। साल 2014 से 2017 के बीच आरोपियों ने एक मेंबरशिप कार्ड भी दिया।
भरोसा होने पर गौतम ने खुद के साथ जनता का भी करोड़ों रुपया सोसाइटी में जमा करवाया। आरोप है कि परिपक्वता अवधि पूरी हो गई तो बॉन्ड लेने के बाद भी आरोपियों ने पैसा नहीं लौटाया। एसपी ने बताया कि आगरा से मुकदमे से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।
गौतम की मुलाकात सोसाइटी के डॉयरेक्टरों नरेंद्र पाल सिंह, कुंवर राजेश कुमार, अर्चना पाठक, विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, विकास नाथ त्रिपाठी, निर्मला दुबे के साथ कराई गई। इसके बाद गौतम उनके साथ काम करने लगे। साल 2014 से 2017 के बीच आरोपियों ने एक मेंबरशिप कार्ड भी दिया।
भरोसा होने पर गौतम ने खुद के साथ जनता का भी करोड़ों रुपया सोसाइटी में जमा करवाया। आरोप है कि परिपक्वता अवधि पूरी हो गई तो बॉन्ड लेने के बाद भी आरोपियों ने पैसा नहीं लौटाया। एसपी ने बताया कि आगरा से मुकदमे से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।