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मेडिकल कॉलेजों में चेक होगी टीचर्स की एजूकेशनल एक्टिविटी
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 21 Dec 2014 02:23 AM IST
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अब प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले टीचर्स की हर एजूकेशनल एक्टिविटी वेबसाइट पर दर्ज करनी होगी।
इसमें बताना होगा कि क्या पढ़ाया, कितना पढ़ाया और कब पढ़ाया की पूरी जानकारी शासन के सामने रखनी है। इसके बाद शासन स्तर से इस सूचना को क्रास चेक किया जाएगा और जरूरत के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने यह निर्णय राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए लिया है।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार कमी आ रही है। टीचर्स क्लास में नहीं जा रहे और ज्यादातर स्टूडेंट्स भी डॉक्टरी को छोड़ बाकी कामों में ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
इसे लेकर शासन में कई बार शिकायतें हो चुकी हैं। अब विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा अरिंदम भट्टाचार्य ने प्रदेश के सभी दस राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता में सुधार करने का निर्देश दिया है।
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कहा है कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि विशेष सचिव के निर्देशों के अनुसार कार्य शुरू करा दिया गया है।
यह होगा
मेडिकल कॉलेजों के नियमित और संविदा पर नियुक्त सभी डॉक्टर्स प्री पैरा तथा क्लीनिकल विषयों में नियमित रूप सेे थ्योरी, प्रैक्टिकल, तथा बेडसाइड लेक्चर दें।
शिक्षकवार प्रतिमाह व्याख्यानों की संख्या, व्याख्यान का समय और उसका विषय निर्धारित करते हुए कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसकी जानकारी शासन को देनी होगी।
यहां हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज
कानपुर, आजमगढ़, इलाहाबाद, गोरखपुर, झांसी, मेरठ, आगरा, कन्नौज, अंबेडकर नगर, जालौन।
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इसमें बताना होगा कि क्या पढ़ाया, कितना पढ़ाया और कब पढ़ाया की पूरी जानकारी शासन के सामने रखनी है। इसके बाद शासन स्तर से इस सूचना को क्रास चेक किया जाएगा और जरूरत के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने यह निर्णय राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए लिया है।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार कमी आ रही है। टीचर्स क्लास में नहीं जा रहे और ज्यादातर स्टूडेंट्स भी डॉक्टरी को छोड़ बाकी कामों में ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
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इसे लेकर शासन में कई बार शिकायतें हो चुकी हैं। अब विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा अरिंदम भट्टाचार्य ने प्रदेश के सभी दस राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता में सुधार करने का निर्देश दिया है।
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कहा है कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि विशेष सचिव के निर्देशों के अनुसार कार्य शुरू करा दिया गया है।
यह होगा
मेडिकल कॉलेजों के नियमित और संविदा पर नियुक्त सभी डॉक्टर्स प्री पैरा तथा क्लीनिकल विषयों में नियमित रूप सेे थ्योरी, प्रैक्टिकल, तथा बेडसाइड लेक्चर दें।
शिक्षकवार प्रतिमाह व्याख्यानों की संख्या, व्याख्यान का समय और उसका विषय निर्धारित करते हुए कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसकी जानकारी शासन को देनी होगी।
यहां हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज
कानपुर, आजमगढ़, इलाहाबाद, गोरखपुर, झांसी, मेरठ, आगरा, कन्नौज, अंबेडकर नगर, जालौन।