{"_id":"6883dfea7a02bdb6a408c955","slug":"e-district-service-stopped-in-325-gram-panchayats-kanpur-news-c-220-1-sknp1003-129584-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: 325 ग्राम पंचायतों में ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: 325 ग्राम पंचायतों में ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा ठप
Sat, 26 Jul 2025 01:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 26 Jul 2025 01:20 AM IST
विज्ञापन
राजपुर ब्लॉक के दुर्राजपुर का बंद पड़ा ग्राम पंचायत सचिवालय।
- फोटो : संवाद
कानपुर देहात। जनपद में 618 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 325 ग्राम पंचायतों के काॅमन सर्विस सेंटर (सीएससी) इस समय ठप पड़े हैं। इन सेंटरों पर पंचायत सहायक द्वारा आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र व खतौनी आदि का काम नहीं किया जा रहा है। ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा ठप होने से ग्रामीण तहसील व ब्लॉक के चक्कर लगा रहे हैं।
सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर पंचायत सचिवालय बनवाए हैं। इसके पीछे की मंशा है कि गांव के लोगों को एक ही छत के नीचे सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके और उन्हें तहसील, ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी को लेकर ग्राम पंचायत सचिवालय में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालित किए जा रहे हैं। 618 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष वर्तमान में 545 पंचायत सहायकों की तैनाती है। इनकी जिम्मेदारी है कि यह पंचायत सचिवालय में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर में बैठ कर ग्रामीणों के आय, जाति, निवास, खतौनी, बिजली के बिल आदि से संबंधित कार्य करें।
मगर इस मंशा पर जिम्मेदारों की अनदेखी से पानी फिरता नजर आ रहा है। 73 जगहों पर पंचायत सहायक के पद रिक्त हैं। जबकि 51 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक होने के बाद भी उनकी सेवाएं शून्य चल रही हैं। वहीं, 274 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां पर रिन्यूवल फीस नहीं जमा की गई है। इस तरह वर्तमान में 325 ग्राम पंचायतों में यह सेवाएं निष्क्रीय हैं। इनसे जुड़े गांवों की करीब पांच लाख से अधिक आबादी परेशान है। इस लापरवाही पर विभागीय अधिकारियों ने नाराजगी भी जताई है।
विज्ञापन
..................
वायलेट रिचार्ज न होने से भी सेवाएं ठप
विभागीय जानकारों की माने तो ग्राम पंचायत के सचिवों को 1500 रुपये खर्च कर पंचायत सहायकों का सजह पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाता है। इसके साथ ही 500 रुपये का वायलेट रिचार्ज कराना था। इसके लिए ग्राम पंचायत की स्वयं की आय से धनराशि खर्च करनी पड़ती है। ग्राम पंचायतों में ओएसआर खाते भी खुले हैं। इसके बाद भी 274 ग्राम पंचायतों में रिन्यूवल फीस जमा नहीं की गई। इस वजह से चाह कर भी कुछ पंचायत सहायक सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं।
....................
मानदेय पर हर माह खर्च हो रहे करोड़ों रुपये
पंचायती राज विभाग के आंकड़ों की बात करें तो ग्राम पंचायतों में सेवाएं देने के लिए 545 पंचायत सहायक भर्ती हैं। इन्हें प्रतिमाह छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इस तरह करोड़ों रुपये इनके मानदेय पर खर्च हो रहा है। मगर जिस मंशा से इन्हें भर्ती किया गया वह काम नहीं हो पा रहा है। विभागीय दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं।
.......................
ब्लॉक- ग्राम पंचायत
अकबरपुर-59
अमरौधा-64
डेरापुर-55
झींझक-46
मैथा-74
मलासा-65
राजपुर-56
रसूलाबाद-91
संदलपुर-87
सरवनखेड़ा-51
......................
वर्जन.............
जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक के पद रिक्त हैं, वहां पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। जहां पंचायत सहायक ठीक से सेवा नहीं दे रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। शून्य सेवा देना वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। जहां रिन्यूवल फीस नहीं जमा है, उसे भी जमा करा कर चालू कराया जाएगा। जिससे लोगों को लाभ मिल सके। - विकास पटेल, जिला पंचायत राज अधिकारी
विज्ञापन
सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर पंचायत सचिवालय बनवाए हैं। इसके पीछे की मंशा है कि गांव के लोगों को एक ही छत के नीचे सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके और उन्हें तहसील, ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी को लेकर ग्राम पंचायत सचिवालय में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालित किए जा रहे हैं। 618 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष वर्तमान में 545 पंचायत सहायकों की तैनाती है। इनकी जिम्मेदारी है कि यह पंचायत सचिवालय में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर में बैठ कर ग्रामीणों के आय, जाति, निवास, खतौनी, बिजली के बिल आदि से संबंधित कार्य करें।
विज्ञापन
मगर इस मंशा पर जिम्मेदारों की अनदेखी से पानी फिरता नजर आ रहा है। 73 जगहों पर पंचायत सहायक के पद रिक्त हैं। जबकि 51 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक होने के बाद भी उनकी सेवाएं शून्य चल रही हैं। वहीं, 274 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां पर रिन्यूवल फीस नहीं जमा की गई है। इस तरह वर्तमान में 325 ग्राम पंचायतों में यह सेवाएं निष्क्रीय हैं। इनसे जुड़े गांवों की करीब पांच लाख से अधिक आबादी परेशान है। इस लापरवाही पर विभागीय अधिकारियों ने नाराजगी भी जताई है।
विज्ञापन
..................
वायलेट रिचार्ज न होने से भी सेवाएं ठप
विभागीय जानकारों की माने तो ग्राम पंचायत के सचिवों को 1500 रुपये खर्च कर पंचायत सहायकों का सजह पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाता है। इसके साथ ही 500 रुपये का वायलेट रिचार्ज कराना था। इसके लिए ग्राम पंचायत की स्वयं की आय से धनराशि खर्च करनी पड़ती है। ग्राम पंचायतों में ओएसआर खाते भी खुले हैं। इसके बाद भी 274 ग्राम पंचायतों में रिन्यूवल फीस जमा नहीं की गई। इस वजह से चाह कर भी कुछ पंचायत सहायक सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं।
....................
मानदेय पर हर माह खर्च हो रहे करोड़ों रुपये
पंचायती राज विभाग के आंकड़ों की बात करें तो ग्राम पंचायतों में सेवाएं देने के लिए 545 पंचायत सहायक भर्ती हैं। इन्हें प्रतिमाह छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इस तरह करोड़ों रुपये इनके मानदेय पर खर्च हो रहा है। मगर जिस मंशा से इन्हें भर्ती किया गया वह काम नहीं हो पा रहा है। विभागीय दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं।
.......................
ब्लॉक- ग्राम पंचायत
अकबरपुर-59
अमरौधा-64
डेरापुर-55
झींझक-46
मैथा-74
मलासा-65
राजपुर-56
रसूलाबाद-91
संदलपुर-87
सरवनखेड़ा-51
......................
वर्जन.............
जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक के पद रिक्त हैं, वहां पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। जहां पंचायत सहायक ठीक से सेवा नहीं दे रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। शून्य सेवा देना वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। जहां रिन्यूवल फीस नहीं जमा है, उसे भी जमा करा कर चालू कराया जाएगा। जिससे लोगों को लाभ मिल सके। - विकास पटेल, जिला पंचायत राज अधिकारी