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Kanpur: ठंड से डेंगू की रफ्तार कुछ थमी, तो बढ़ गया ब्रेन अटैक का खतरा, ओपीडी पहुंचे सात मरीज, एक की मौत

Tue, 06 Dec 2022 12:20 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 06 Dec 2022 12:20 PM IST
सार

हैलट में ब्रेन अटैक के नौ मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मृतावस्था में आने वाले रोगियों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को अटैक पड़ते ही मौत हो जा रही है। अधिकतर रोगी अस्पताल ही नहीं पहुंच पाते हैं।  

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Due to the cold in Kanpur, the speed of dengue stopped, then the risk of brain attack increased
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में ठंड बढ़ने के साथ डेंगू सुस्त पड़ा, तो अस्पतालों में ब्रेन अटैक के रोगी बढ़ने लगे हैं। सोमवार को बेहोशी की हालत में सात ब्रेन अटैक के रोगी सुबह ओपीडी में आए,जिन्हें इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इसके बाद शाम को तीन और रोगी भर्ती किए गए। इनमें एक रोगी की मौत हो गई है।

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कल्याणपुर निवासी किशन ने बताया कि उनके पिता राम आसरे (65) को शनिवार को चक्कर आया था। वह बैठे-बैठे लुढ़क गए। इसके बाद हालत सुधर गई थी। क्षेत्र के एक डॉक्टर से दवा ले ली थी। सोमवार दोपहर फिर चक्कर आया और बेहोश हो गए। हैलट पहुंचने के पहले उनकी मौत हो गई।
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हैलट में ब्रेन अटैक के रोगियों डॉ. जेएस कुशवाहा के अंडर में भर्ती किया गया है। उन्होंने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ ब्रेन अटैक बढ़ गया है। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 360 रोगी आए। इनमें ज्यादातर रोगियों का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिला है। उनकी खुराक दुरुस्त की गई है। इसके अलावा बुखार, उल्टी, जोड़ों के दर्द, पेट दर्द के रोगी ओपीडी में स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए आए।

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30 से 40 फीसदी रोगी नहीं पहुंच पाते अस्पताल
न्यूरो साइंसेस विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि इस वक्त औसत 10 रोगी ब्रेन अटैक के आ रहे हैं। इनमें छह रोगियों के मस्तिष्क में खून का रिसाव हो रहा है और चार रोगियों के थक्का जमा रहता है। ब्रेन अटैक के 30 से 40 फीसदी रोगी अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। उनकी घर में ही मौत हो जाती है।

अगर अटैक दूसरी बार पड़ा और खून का रिसाव हो गया, तो 60 फीसदी रोगियों की मौत घर या अस्पताल तक पहुंचने में हो जाती है। साल में ब्रेन अटैक के डेढ़ हजार रोगी आते हैं। अगर रोगी शुरुआती लक्षण उभरने पर आ जाएं, तो बिल्कुल ठीक हो सकते हैं। ब्रेन अटैक के दुष्प्रभाव नहीं रहेंगे। 

एडवाइजरी

  • ब्लड प्रेशर के रोगी दवा की खुराक दुरुस्त करा लें।
  • ब्लड प्रेशर सामान्य होने पर दवा बीच में न छोड़ें।
  •  गर्म कमरे से अचानक सर्द माहौल में न आएं।
  • रात को हल्का खाना खाकर सोएं।
  • गर्मी या मच्छर भगाने के चक्कर में तेज पंखा न चलाएं।
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