फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Dr. Hamid, posted in Kanpur Dehat, spent three years in obscurity, investigation intensified

Kanpur News: कानपुर देहात में तैनात डॉ. हामिद ने तीन साल बिताए गुमनामी में, जांच तेज

Mon, 17 Nov 2025 02:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Mon, 17 Nov 2025 02:27 AM IST
विज्ञापन
Dr. Hamid, posted in Kanpur Dehat, spent three years in obscurity, investigation intensified
कानपुर। कानपुर देहात की सीएचसी में तैनात डाॅ. हामिद अंसारी की भी जांच तेज हो गई है। वह 2013 में डाॅ. शाहीन के साथ ही लापता हो गए थे। तीन साल बाद बिना कारण बताए ही 2016 में नौकरी जाॅइन कर ली थी। वह एनाटाॅमी विभाग में थे। तीन साल उन्होंने कहां गुमनामी काटी इसकी जांच चल रही है। इसके साथ ही एक जगह से इस्तीफा दिए बिना उन्हें दूसरी जगह नौकरी कैसे मिल गई। यह भी जांच में शामिल किया गया है।
विज्ञापन


वहीं, सर्जरी विभाग के डॉ. निसार अहमद भी उसी समय बिना बताए नाैकरी छोड़कर दुबई में बस गए थे। फिजियोलॉजी विभाग के डॉ. हिफजुल रहमान ने भी उसी समय नौकरी छोड़ दी थी। डॉ. हामिद और डॉ. हिफजुल मेडिकल कॉलेज परिसर के ही डी ब्लॉक में रहते थे। डॉ. निसार तो सर्जरी विभाग में बहुत अच्छे थे। काफी सारी जटिल सर्जरी भी उन्होंने की। व्यवहार भी सामान्य था।
विज्ञापन


.....................

बिना बताए मेडिकल कॉलेज छोड़ चुके 20 से 25 डॉक्टर
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 20 से 25 डॉक्टर बिना बताए छोड़कर जा चुके हैं। उनमें से 90 प्रतिशत डॉक्टरों के विदेश में बसने की जानकारी दी जा रही है। अधिकतर अच्छी सैलरी के चलते डॉक्टर विदेश में जाने की चाह रखते हैं। इसके चलते जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ही नहीं सभी कॉलेजों में यही हाल है कि फैकल्टी आती है और बिना बताए चली भी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


..............

ब्लूटूथ और हिजाब पर प्रतिबंध
मेडिकल कॉलेज में आने-जाने वाले छात्रों और फैकल्टी के लिए नियम सख्त हो गए हैं। फेस बायोमीटि्रक से ही प्रवेश हो रहा है। कक्षा में मोबाइल बिल्कुल भी ले जाना नहीं है। ब्लूटूथ बैन कर दिया गया है। परीक्षा के दौरान हिजाब पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।


.............
जांच एजेंसियां लिखित में मांग रहीं जानकारी
जांच एजेंसियों ने मेडिकल कॉलेज से पहले मुंह जुबानी स्टाफ का ब्योरा मांगा तो नकार दिया गया। इसके बाद लिखित में एक-एक कर जानकारी मांग रहे हैं। जो डॉक्टर छोड़कर चले गए और जो काम कर रहे हैं सभी की जानकारी जुटाने के लिए लिखित में ही जानकारी मांगी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed