डॉ. गौरव हत्याकांड: डॉक्टर की पत्नी से होगी पूछताछ, षड्यंत्रकारियों तक नहीं पहुंच सकी पुलिस
पूर्व राज्यमंत्री गंगाबख्श सिंह के नाती डॉ. गौरव प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी खाली है। सार्जेट की गिरफ्तारी के बाद इस घटना में अन्य षड्यंत्रकारियों तक पुलिस पहुंच नहीं सकी है। डॉक्टर की पत्नी से एक बार फि र से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। इस बार पुलिस ने उनके लिए सवाल पहले से तैयार कर लिए हैं।
आवास विकास उन्नाव निवासी डॉ. गौरव प्रताप सिंह 13 मार्च को पत्नी प्रियंका को लेकर नौबस्ता स्थित उनके मायके छोड़ने गए थे। वहां से वह अपने दोस्त के साथ जाने की बात कहकर निकले। शाम को सार्जेंट मुदित श्रीवास्तव के यहां पहुंचे। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल रहा था। पत्नी ने 14 मार्च को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने शक के आधार पर सार्जेंट से पूछताछ की तो हत्या का खुलासा हुआ। शव बरामद करने के बाद उसे जेल भेज दिया था।
ऊहापोह की स्थिति में पुलिस
मामले में सार्जेंट ने पुलिस को दिए बयान में हत्या का कारण उनकी पत्नी से प्रेम संबंधों को बताया था, लेकिन परिजनों ने इसे गलत बताते हुए लेनदेन के विवाद में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसे लेकर पुलिस अभी भी ऊहापोह की स्थिति में है। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि डॉक्टर की पत्नी से एक बार फि र से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने सार्जेंट के तथ्यों को झूठा ठहराया है। मगर सार्जेंट के मोबाइल का डाटा मिटाया गया था। इससे शक गहरा गया है। मृतक की पत्नी से पूछताछ करके यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि क्या उन्हें इस हत्याकांड की पहले से भनक थी।
हाथों में मिले खून के निशान गौरव के ही
मामले में फोरेंसिक टीम ने शुक्रवार को अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस को सौँप दी है। टीम ने मुदित के हाथों का बेंजाडीन टेस्ट किया था, जो पॉजिटिव आया है। उसके हाथों में मिले खून के धब्बे गौरव के ही निकले हैं। ऐसे में मुदित को साक्ष्य के आधार पर कड़ी सजा दिलाई जा सकेगी।