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मूंगफली के छिलके फेकें नहीं, आपकी स्किन लिए फायदेमंद इनसे बना प्राकृतिक रंग
Sat, 19 Jan 2019 03:56 PM IST
gaurav gaurav
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Sat, 19 Jan 2019 03:56 PM IST
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए-कानपुर) की वैज्ञानिक डॉ. ऋतु ने मूंगफली के छिलके से प्राकृतिक रंग निकालने की विधि ईजाद की है। इस शोध को एक साइंस जर्नल की भी मान्यता मिल गई है। साइंस जर्नल ने माना है कि इस शोध के बाद एग्रो वेस्ट यूटिलाइजेशन से किसानों को अतिरिक्त आय होगी।
डॉ. ऋतु ने बताया कि मूंगफली को खाने से पहले हम उसके छिलके फेंक देते हैं। लेकिन, इसी से भगवा रंग तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह रंग अधिक टिकाऊ और स्किन फ्रेंडली है। यही नहीं, इसमें सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणों को रोकने की क्षमता है। ऐसे स्त्री-पुरुष, जो धूप में जाने से बचते हैं, वे भी इस रंग में डाई किया गया वस्त्र पहनकर धूप में निकलें तो उनकी त्वचा की रंगत साफ बनी रहेगी। ऋतु ने बताया कि दो साल तक वैज्ञानिक पहलुओं पर काम किया और इस तकनीक को विकसित करने में सफलता हासिल कर ली।
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डॉ. ऋतु ने बताया कि मूंगफली को खाने से पहले हम उसके छिलके फेंक देते हैं। लेकिन, इसी से भगवा रंग तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह रंग अधिक टिकाऊ और स्किन फ्रेंडली है। यही नहीं, इसमें सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणों को रोकने की क्षमता है। ऐसे स्त्री-पुरुष, जो धूप में जाने से बचते हैं, वे भी इस रंग में डाई किया गया वस्त्र पहनकर धूप में निकलें तो उनकी त्वचा की रंगत साफ बनी रहेगी। ऋतु ने बताया कि दो साल तक वैज्ञानिक पहलुओं पर काम किया और इस तकनीक को विकसित करने में सफलता हासिल कर ली।
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