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Kanpur News: पटाखे से जलने पर टूथपेस्ट और बर्फ न लगाएं

Mon, 20 Oct 2025 01:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Oct 2025 01:08 AM IST
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Do not apply toothpaste or ice to firecracker burns.
कानपुर। दीपावली का त्योहार खूब हंसी-खुशी से मनाएं और पटाखे भी छुड़ाएं लेकिन थोड़ा संभल कर। विशेषज्ञों का कहना है कि लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है। पटाखे को छुड़ाते वक्त आंखों को खासतौर पर बचाएं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रेम शंकर ने बताया कि पटाखे, आग से जलने पर जख्म पर टूथपेस्ट, बर्फ आदि न लगाएं। इससे ऊतकों को क्षति पहुंच सकती है।
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उन्होंने बताया कि जलने पर सादे या ठंडे पानी से कम से कम जले वाले अंग को धोएं। इसके बाद एंटी सेप्टिक कोई भी मलहम लगा लें। जले वाले अंग को साफ सूती कपड़े से ढंककर अस्पताल आए। रोगी को नारियल पानी, नींबू पानी आदि पेय पदार्थ दें। 20 फीसदी से अधिक जलने पर शरीर में पानी की कमी होने लगती है।
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साथ ही अस्थमा और सीओपीडी के रोगी धुआं और प्रदूषण से बचकर रहें। इससे अस्थमा अटैक पड़ सकता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान का कहना है कि पटाखे छुड़ाते समय आंखों में धुआं लग जाए या कुछ चला जाए तो साफ पानी से आधा घंटे तक धोएं। अगर आंख में सूजन आए, दिखने में धुंधलापन लगे या खून आए तो तुरंत हैलट इमरजेंसी आएं। यहां विशेषज्ञों की टीम रहेगी और तुरंत इलाज मिलेगा।
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तेज पटाखे छुड़ाते वक्त कान में रुई लगा लें। लगातार 20 मिनट से अधिक पटाखों के शोर में न रहें। कानपुर ईयर फाउंडेशन के निदेशक सीनियर ईएनटी सर्जन डॉ. देवेंद्र लालचंदानी ने बताया कि पटाखों की ध्वनि 90 डेसीबल से अधिक होती है। इससे कान की नर्व को नुकसान हो सकता है। कान का पर्दा भी फट सकता है। कान सुन्न हो जाए या खून आने लगे तो तुरंत विशेषज्ञ को दिखाएं। इससे मृत हो रही नर्व को बचाया जा सकेगा। मास्क लगाकर पटाखे छुड़ाएं।

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पटाखे के धुएं से दूर रहें सांस के रोगी
डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल के सीनियर वक्ष रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद का कहना है कि पटाखे छूटने वाली जगह से अस्थमा और सीओपीडी रोगी दूर रहे हैं। मास्क का इस्तेमाल करें। चटाई सरीखे पटाखों से उनको अधिक दिक्कत हो सकती है। सांस रोगी दवाएं नियमित लेते रहें। इसके साथ ही दिन में एक बार स्टीम जरूर लें। अगर सामान्य व्यक्ति के अंदर धुआं चला गया और सांस फूल रही हो तो वह भी स्टीम ले सकता है। सांस रोगियों को अगर अधिक दिक्कत हो तो अपने डॉक्टर को दिखा लें।
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