Kanpur: डीएम का जिपं और सिंचाई विभाग के कार्यालयों में निरीक्षण, नदारद मिले 16 कर्मचारी…वेतन रोकने के निर्देश
Kanpur News: जिलाधिकारी ने जिला पंचायत कार्यालय के बाद सिंचाई विभाग के मंडलीय कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां की स्थिति और भी खराब मिली। 14 कर्मचारियों में नौ गैरहाजिर मिले। सुपरीटेंडेंट इंजीनियर (एसई) राकेश चौबे भी 10.40 बजे तक कार्यालय से अनुपस्थित थे।
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कानपुर में जिलाधिकारी जनता दर्शन के समय शुक्रवार को जिला पंचायत कार्यालय और सिंचाई विभाग के मंडलीय कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंच गए। जिला पंचायत में सात और सिंचाई विभाग कार्यालय में नौ कर्मचारी बिना सूचना के नदारद मिले। डीएम ने सभी कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। सुबह 10.25 बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को अपर मुख्य कार्यपालक के दफ्तर में उनकी कुर्सी खाली मिली। डीएम ने फोन कराया तो उन्होंने बताया कि वह निरीक्षण करने गए हैं।
वहीं, कार्यालय में तैनात प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा देवी, अनुभागीय मुख्य लिपिक महेश प्रसाद तिवारी, लिपिक विभव गर्ग व गीतेश अंजली अनुपस्थिति मिलीं। जिलाधिकारी ने सभी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। पांच और कर्मियों की फील्ड में तैनाती की बात पता चलने पर डीएम ने अपर मुख्य अधिकारी से क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के कार्यों का विवरण उपस्थिति पंजिका, भ्रमण पंजिका में नहीं दर्शाने पर आख्या मांगी। शालिनी सिंह लेखाधिकारी, विनोद कुमार लेखाकार, अपर्णा यादव गैरहाजिर मिलीं।
पशु चिकित्सालय का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी ने रायपुरवा स्थित एसपीसीए पशु चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने डॉ. अर्चना त्रिपाठी से कहा कि एसपीसीए में छोटे-बड़े सभी आवश्यक कार्यों की एक सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं। जिससे जरूरत के अनुसार कार्य हो सकें।
सिंचाई विभाग में 14 में नौ कर्मचारी मिले अनुपस्थित
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत कार्यालय के बाद सिंचाई विभाग के मंडलीय कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां की स्थिति और भी खराब मिली। 14 कर्मचारियों में नौ गैरहाजिर मिले। सुपरीटेंडेंट इंजीनियर (एसई) राकेश चौबे भी 10.40 बजे तक कार्यालय से अनुपस्थित थे। जिलाधिकारी ने गैरहाजिर कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया।
शासन की नीति के तहत 10 से 12 बजे तक जनता दर्शन होना चाहिए। लेकिन 11 बजे तक कर्मचारी कार्यालयों से गायब हैं, ये अनुशासन की कमी है। विभाग के अधिकारियों के दायित्व तय किए जाएंगे। लापरवाही पर कार्यवाही होगी। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी