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हरदोई: भ्रष्टाचार में निलंबित पेशकार को डीएम ने किया बर्खास्त, दैवी आपदा सहायता के नाम पर मांगे थे रुपये
Wed, 21 Oct 2020 11:50 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 21 Oct 2020 11:50 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
हरदोई जिले में भ्रष्टाचार और फाइलों के गायब होने के मामले में सदर तहसीलदार के निलंबित पेशकार अनुराग मिश्रा को डीएम अविनाश कुमार ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। शाहाबाद ब्लाक मुख्यालय में तीन फरवरी 2019 को आयोजित तहसील दिवस में ग्राम परसई के मजरा उधरनपुर निवासी प्रिंस पुत्र राजाराम ने तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे से शिकायत दर्ज कराई थी।
बताया था कि उसकी मां की मौत सर्पदंश के कारण हो गई थी। दैवी आपदा के तहत सहायता दिए जाने के लिए चार लाख रुपये मंजूर किए गए थे। प्रिंस ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल राम प्रताप मिश्र, रजिस्ट्रार कानूनगो अवधेश कुमार और जिलाधिकारी कार्यालय के तत्कालीन दैवी आपदा लिपिक अनुराग मिश्रा ने डेढ़ लाख रुपये की मांग सहायता के नाम पर की।
तहसीलदार को दिए गए बयान के आधार पर उक्त तीनों कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मझिला थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसके अलावा कमला देवी पत्नी रामअवतार निवासी ग्राम कैमी तहसील शाहाबाद ने भी दाखिल खारिज के लिए 22 हजार रुपये लेने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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सदर तहसीलदार कोर्ट की सात पत्रावलियां गायब मिली थीं। इनका हस्तांतरण पेशकार के पद पर तैनात अनुराग मिश्रा ने किसी को नहीं किया। पूरे मामले की विस्तृत जांच नगर मजिस्ट्रेट से कराई गई। नगर मजिस्ट्रेट की जांच आख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत अनुराग मिश्रा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
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बताया था कि उसकी मां की मौत सर्पदंश के कारण हो गई थी। दैवी आपदा के तहत सहायता दिए जाने के लिए चार लाख रुपये मंजूर किए गए थे। प्रिंस ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल राम प्रताप मिश्र, रजिस्ट्रार कानूनगो अवधेश कुमार और जिलाधिकारी कार्यालय के तत्कालीन दैवी आपदा लिपिक अनुराग मिश्रा ने डेढ़ लाख रुपये की मांग सहायता के नाम पर की।
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तहसीलदार को दिए गए बयान के आधार पर उक्त तीनों कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मझिला थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसके अलावा कमला देवी पत्नी रामअवतार निवासी ग्राम कैमी तहसील शाहाबाद ने भी दाखिल खारिज के लिए 22 हजार रुपये लेने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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सदर तहसीलदार कोर्ट की सात पत्रावलियां गायब मिली थीं। इनका हस्तांतरण पेशकार के पद पर तैनात अनुराग मिश्रा ने किसी को नहीं किया। पूरे मामले की विस्तृत जांच नगर मजिस्ट्रेट से कराई गई। नगर मजिस्ट्रेट की जांच आख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत अनुराग मिश्रा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।