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Hardoi News: अपंजीकृत क्लीनिक पर फिर कसा शिकंजा, लखनऊ केयर सील
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पाली। झोलाछापों और गैर पंजीकृत क्लीनिकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के क्रम में मंगलवार को क्षेत्र के एक और अपंजीकृत क्लीनिक को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रूपापुर मार्ग स्थित निजामपुर पुलिया के पास संचालित लखनऊ केयर क्लीनिक पर छापा मारा। छापेमारी की भनक लगते ही संचालक तो भाग गए, कर्मचारी क्लीनिक के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज भी नहीं दिखा पाए।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नामित नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश वाजपेयी के साथ पाली पीएचसी के प्रभारी डॉ. आनंद शुक्ला के साथ लखनऊ केयर क्लीनिक पर छापा मारा। टीम ने क्लीनिक में उपलब्ध अभिलेखों और पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों की जानकारी जुटाई। जांच में क्लीनिक का पंजीकरण नहीं मिला। मौके पर मरीजों के उपचार के लिए कोई डॉक्टर भी नहीं था। मानकों के विपरीत संचालन मिलने पर टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया। वहीं, छापेमारी की भनक लगते ही संचालक मौके से भाग निकले।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की जानकारी आसपास के अन्य झोलाछापों को हुई तो कई संचालकों को हुई तो वह भी अपनी दुकानों के शटर गिराकर निकल गए। छापेमारी से क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। इससे पहले सोमवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम शिव प्रभा और बीआर हेल्थ सेंटर को सील कर चुकी है। नोडल अधिकारी ने बताया कि क्लीनिक को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत मिली थी, इसलिए जांच की गई और लाइसेंस न मिलने पर कार्रवाई की गई।
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पहले भी सील हो चुका है क्लीनिक
लखनऊ केयर क्लीनिक पर कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। 23 जुलाई 2024 को भी तत्कालीन नोडल अधिकारी पंकज मिश्रा ने क्लीनिक को सील किया था। इसके अगले ही दिन इसे कथित तौर पर क्लीन चिट देकर दोबारा खोल दिया गया। मामला सामने आने पर फिर इसे बंद कराया गया था। इसके करीब एक सप्ताह बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्लीनिक दोबारा खुलवा दिया गया। इसके बाद से क्लीनिक लगातार संचालित हो रहा था। ऐसे में अब क्लीनिक का पंजीकरण न होने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नामित नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश वाजपेयी के साथ पाली पीएचसी के प्रभारी डॉ. आनंद शुक्ला के साथ लखनऊ केयर क्लीनिक पर छापा मारा। टीम ने क्लीनिक में उपलब्ध अभिलेखों और पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों की जानकारी जुटाई। जांच में क्लीनिक का पंजीकरण नहीं मिला। मौके पर मरीजों के उपचार के लिए कोई डॉक्टर भी नहीं था। मानकों के विपरीत संचालन मिलने पर टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया। वहीं, छापेमारी की भनक लगते ही संचालक मौके से भाग निकले।
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इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की जानकारी आसपास के अन्य झोलाछापों को हुई तो कई संचालकों को हुई तो वह भी अपनी दुकानों के शटर गिराकर निकल गए। छापेमारी से क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। इससे पहले सोमवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम शिव प्रभा और बीआर हेल्थ सेंटर को सील कर चुकी है। नोडल अधिकारी ने बताया कि क्लीनिक को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत मिली थी, इसलिए जांच की गई और लाइसेंस न मिलने पर कार्रवाई की गई।
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पहले भी सील हो चुका है क्लीनिक
लखनऊ केयर क्लीनिक पर कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। 23 जुलाई 2024 को भी तत्कालीन नोडल अधिकारी पंकज मिश्रा ने क्लीनिक को सील किया था। इसके अगले ही दिन इसे कथित तौर पर क्लीन चिट देकर दोबारा खोल दिया गया। मामला सामने आने पर फिर इसे बंद कराया गया था। इसके करीब एक सप्ताह बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्लीनिक दोबारा खुलवा दिया गया। इसके बाद से क्लीनिक लगातार संचालित हो रहा था। ऐसे में अब क्लीनिक का पंजीकरण न होने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।