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स्टाफ नर्स से सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच करने पहुंचे डीएम और एसपी
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प्रभारी निरीक्षक हरिश्याम सिंह से जानकारी लेते एसपी प्रशांत वर्मा, पास में खड़े डीएम राकेश कुमा?
- फोटो : CHIBRAMAU
सौरिख(कन्नौज)। निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जांच करने मंगलवार को डीएम और एसपी थाने पहुंच गए। स्टाफ नर्स से मामले की जानकारी लेने के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने अस्पताल संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया। इस पर नर्स की आपबीती जानने के बाद बंधक बनाने का आरोप है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
निजी अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी पर डीएम राकेश कुमार मिश्र और एसपी प्रशांत वर्मा मंगलवार को थाने पहुंचे। कुछ ही देर में स्टाफ नर्स भी ई-रिक्शा से थाने पहुंच गई। डीएम और एसपी ने पीड़िता से पूरे मामले की जानकारी ली। पीड़िता ने बताया कि 19 अगस्त की रात 11 बजे खड़िनी निवासी योगेश अपनी गर्भवती पत्नी को उपचार के लिए अस्पताल में लेकर आए थे। पत्नी को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। रात 12 बजे के करीब खड़िनी निवासी रवि, रामू, एक अज्ञात व्यक्ति के साथ बोलेरो से अस्पताल में आए। यह लोग पहले भी अस्पताल में आते-जाते रहते थे। जिद कर कोल्ड ड्रिंक पिला दी। कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद हालत बिगड़ने लगी। किसी युवक ने सामने टेबल पर रखा मेरा मोबाइल उठा लिया। योगेश मोबाइल दिलाने के बहाने अस्पताल के बाहर खड़ी बोलेरो के पास ले गया। यहां से यह जबरदस्ती बोलेरो में डालकर सूनसान जगह पर ले गए। उसके साथ दुष्कर्म किया। बेहोशी की हालत में अस्पताल के पास फेंककर भाग गए।
होश में आने पर अस्पताल के डॉक्टर का दरवाजा खटखटाया। उन्हें वारदात की जानकारी दी। डॉक्टर ने अस्पताल संचालक राजेश यादव व इनकी पत्नी को बुलाकर वारदात की जानकारी दी। अस्पताल संचालक राजेश यादव ने आरोपियों के दबंग होने का हवाला देते हुए मामले को दबाने के लिए कहा। मेरी बिगड़ती तबीयत देखकर अस्पताल के एक कमरे में भर्ती कर लिया। मेरे और साथी डॉक्टर के अस्पताल से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी। इस संबंध में एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
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ई-रिक्शा से थाने पहुंची स्टाफ नर्स
सामूहिक दुष्कर्म की शिकार निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। उसका व चिकित्सक का मोबाइल बंद होने से यह गुत्थी और भी उलझी थी। मंगलवार को स्टाफ नर्स ई-रिक्शा से थाने पहुंच गई। उसके थाने पहुंचते ही अफवाहों पर विराम लग गया।
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निजी अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी पर डीएम राकेश कुमार मिश्र और एसपी प्रशांत वर्मा मंगलवार को थाने पहुंचे। कुछ ही देर में स्टाफ नर्स भी ई-रिक्शा से थाने पहुंच गई। डीएम और एसपी ने पीड़िता से पूरे मामले की जानकारी ली। पीड़िता ने बताया कि 19 अगस्त की रात 11 बजे खड़िनी निवासी योगेश अपनी गर्भवती पत्नी को उपचार के लिए अस्पताल में लेकर आए थे। पत्नी को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। रात 12 बजे के करीब खड़िनी निवासी रवि, रामू, एक अज्ञात व्यक्ति के साथ बोलेरो से अस्पताल में आए। यह लोग पहले भी अस्पताल में आते-जाते रहते थे। जिद कर कोल्ड ड्रिंक पिला दी। कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद हालत बिगड़ने लगी। किसी युवक ने सामने टेबल पर रखा मेरा मोबाइल उठा लिया। योगेश मोबाइल दिलाने के बहाने अस्पताल के बाहर खड़ी बोलेरो के पास ले गया। यहां से यह जबरदस्ती बोलेरो में डालकर सूनसान जगह पर ले गए। उसके साथ दुष्कर्म किया। बेहोशी की हालत में अस्पताल के पास फेंककर भाग गए।
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होश में आने पर अस्पताल के डॉक्टर का दरवाजा खटखटाया। उन्हें वारदात की जानकारी दी। डॉक्टर ने अस्पताल संचालक राजेश यादव व इनकी पत्नी को बुलाकर वारदात की जानकारी दी। अस्पताल संचालक राजेश यादव ने आरोपियों के दबंग होने का हवाला देते हुए मामले को दबाने के लिए कहा। मेरी बिगड़ती तबीयत देखकर अस्पताल के एक कमरे में भर्ती कर लिया। मेरे और साथी डॉक्टर के अस्पताल से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी। इस संबंध में एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
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ई-रिक्शा से थाने पहुंची स्टाफ नर्स
सामूहिक दुष्कर्म की शिकार निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। उसका व चिकित्सक का मोबाइल बंद होने से यह गुत्थी और भी उलझी थी। मंगलवार को स्टाफ नर्स ई-रिक्शा से थाने पहुंच गई। उसके थाने पहुंचते ही अफवाहों पर विराम लग गया।