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‘जीवन में अनुशासन बहुत जरूरी’
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Mon, 05 Oct 2015 02:36 AM IST
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खेल का मैदान हो या कोई और फील्ड, जीवन में सफल होने के लिए अनुशासन के साथ अभ्यास की बेहद जरूरत होती है। मैंने अपने जीवन में जो पाया है उसमें इन दो चीजों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है इसलिए आप लोग पढ़ाई में अनुशासन रखें और अपने टीचरों का सम्मान करें।
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टीचरों के मार्गदर्शन से स्टूडेंट के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन होता है। मेरे क्रिकेट करियर में टीचर के रूप में कोच का अहम रोल रहा है। ये बातें श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने रविवार को आईआईटी के स्पोर्ट्स फेस्टिवल उद्घोष-2015 के समापन समारोह में कहीं। उन्होंने विजेता टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
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स्पोर्ट्स फेस्टिवल के समापन समारोह पर आईआईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर इंद्रनील मन्ना ने पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। डायरेक्टर ने स्पोर्ट्स फेस्टिवल आर्गनाइजिंग कमेटी को बधाई दी।
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इसके बाद सनथ जयसूर्या से स्टूडेंटों ने सवाल किए, उन्होंने सभी को खुलकर जवाब दिए। इस मौके पर डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स एआर हरीश, एसोसिएट डीन डॉ. विमल कुमार, फेस्टिवल चेयरमैन प्रोफेसर योगेश कुमार फेस्टिवल कोऑर्डिनेटर विपुल गर्ग, मीडिया एंड पब्लिसिटी हेड प्रशांथ चांती, श्वेता श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
‘खिलाड़ी के रूप में मुझे राजनीति फिट नहीं लगती’
सनथ जयसूर्या ने कहा कि कानपुर बहुत लंबे समय बाद आया हूं। यहां पर साउथ अफ्रीका और इंडिया के बीच मैच होने जा रहा है। यहां के लोग क्रिकेट को बहुत प्यार करते हैं।
मुझे कानपुर के लोगों का यह प्यार बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि बचपन में मैं हमेशा क्लास के बाहर कर दिया जाता था। क्योंकि पढ़ाई से ज्यादा मैं क्रिकेट खेलने में समय गुजारता था।
उन्होंने कहा कि क्रिकेटर के रूप में मैंने बहुत कुछ पाया लेकिन राजनीति में आने के बाद महसूस हुआ गलत प्रोफेशन चुन लिया। खिलाड़ी के रूप में मुझे राजनीति फिट नहीं लगती।
ये रहे विजेता
जूनियर वर्ग (9-14 वर्ष) ः अदिति बसु प्रथम, काव्यांशी द्वितीय, तनु सिंह तृतीय, अंबर राज को सांत्वना पुरस्कार
मिडिल वर्ग ( 15-19 वर्ष) ः आर्जव जैन चैंपियन ऑफ दि कानपुर, आयुश श्रीवास्तव प्रथम एवं क्लासिकल वायस ऑफ कानपुर, आस्था मिश्रा द्वितीय, प्रभात सक्सेना तृतीय
सीनियर वर्ग (20-24 वर्ष) ः मंजीत सिंह प्रथम, नेहा जायसवाल और प्रगति तिवारी द्वितीय, वैशाली द्विवेदी तृतीय, सुष्मिता यादव और पार्वती शुक्ला को सांत्वना पुरस्कार