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नि:शक्त नीलेश ओबीसी के आल इंडिया टॉपर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Mon, 13 Jun 2016 12:53 AM IST
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अपनी मां अमरावती के साथ निलेश वर्मा और साथ में मौजू भाभा सुपर-35 बैच के चेयरमैन महेश सिंह चौहान वाइस चेयरमैन अर्चना सिंह।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) 2016 में शहर के मेधावियों का दबदबा है। ओंकारेश्वर स्कूल के स्टूडेंट नीलेश वर्मा ने फिजिकली डिसेबिल्ड (पीडब्लूडी) की ओबीसी कैटेगरी में आल इंडिया टॉप किया है। उनकी कैटेगरी रैंक-1 है। नीलेश का दाहिना हाथ ठीक नहीं है। वह बाएं हाथ से लिखते हैं। यह पहला मौका है, जब शहर के किसी स्टूडेंट को इस कैटेगरी में आल इंडिया की पहली रैंक मिली है। कानपुर सिटी का ओवर आल रिजल्ट 27 फीसदी के आसपास है, जो शानदार की श्रेणी में आता है।
शहर के 3340 स्टूडेंटों ने 22 मई को जेईई एडवांस का पेपर दिया था। इसका रिजल्ट रविवार को घोषित हुआ। आईआईटी कानपुर के पास जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उसके मुताबिक शहर के 897 स्टूडेंटों ने जेईई एडवांस क्रैक किया है। इन सबको काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। कॉमन मेरिट लिस्ट के हिसाब से गोपाला टॉवर के पास काकादेव में रहने वाले प्रवर दीप सिंह की आल इंडिया रैंक 113 है। वह सिटी टॉपर भी हैं। प्रवर दीप को 372 में से 243 मार्क्स मिले हैं। मैथमेटिक्स पसंदीदा सब्जेक्ट है। प्रवरदीप को आईआईटी कानपुर जोन की रैंक भी मिली है। वह जोन के तीसरे टॉपर हैं।
सर पद्मपत सिंहानिया से इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने वाले विभोर पोरवाल की आल इंडिया रैंक 120 है। वह सिटी के सेकेंड टॉपर हैं। आईआईटी कानपुर जोन में चौथी रैंक मिली है। जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन 2016 में 284 मार्क्स हासिल करके सिटी टॉपर बनने वाले गगनदीप सिंह ने जेईई एडवांस में भी झंडा गाड़ा है। जेईई एडवांस में गगनदीप को 321 रैंक मिली है और वह सिटी के थर्ड टॉपर हैं। शास्त्री नगर में रहने वाले गगनदीप ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई इसी साल सनातन धर्म स्कूल से पूरी की है। वह आईआईटी कानपुर या फिर दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाह रहे हैं। डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजूकेशन सेंटर अवधपुरी के स्टूडेंट पुष्कर दीक्षित की आल इंडिया 463वीं रैंक है। वह भी आईआईटी कानपुर में एडमिशन लेंगे। पुष्कर की सिटी मेें चौथी रैंक है। 624वीं रैंक हासिल करने वाले जसकरन सिंह की सिटी में पांचवीं रैंक है। कुशाग्र राजपूत को भी टॉप-1000 में जगह मिली है। 828वीं रैंक हासिल करने वाले कुशाग्र को पहले प्रयास में ही सफलता मिली है।
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नीलेश को ओंकारेश्वर स्कूल, भाभा सुपर-35 बैच का मिला सहारा प्रोफाइल
फिजिकली डिसेबिल्ड (ओबीसी) से ऑल इंडिया टॉपर (रैंक-1)नीलेश वर्मा का दाहिना हाथ बचपन से खराब है। वह बाएं हाथ से लिखने समेत सभी काम करते हैं। आर्थिक और पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस पर यूपी बोर्ड से संबद्ध ओंकारेश्वर स्कूल और भाभा क्लासेस सुपर-35 बैच का सहारा मिला। स्कूल प्रिंसिपल डॉ. मिलन सिंह ने नीलेश के नि:शुल्क पढ़ाई की व्यवस्था की, जो कक्षा 12 तक चलता रहा। भाभा ग्रुप के चेयरमैन चेयरमैन महेश सिंह चौहान ने मैथमेटिक्स और केमिस्ट्री की नि:शुल्क कोचिंग कराई। अब नीलेश ने जेईई एडवांस क्रैक कर लिया है। इससे नीलेश के माता-पिता और भाई उत्साहित हैं। नीलेश ने इसी साल (2016) 93.6 फीसदी मार्क्स हासिल इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और पहले ही प्रयास में सफलता मिल गई। 372 में से 170 मार्क्स हासिल करने वाले नीलेश का इरादा अब आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक करना है। नीलेश का पसंदीदा सब्जेक्ट फिजिक्स है। कंप्यूटर की पढ़ाई अच्छी लगती है। नीलेश का कहना है कि आर्थिक रूप से परेशानी थी लेकिन ओंकारेश्वर और भाभा क्लासेस सुपर 35 बैच का सहयोग मिला। आईआईटी से पढ़ाई का सपना पूरा हो जाएगा। आर्थिक संकट की वजह से पढ़ाई में दिक्कत जरूर आई थी लेकिन कभी हौसला नहीं हारा। मेहनत और लगन से तैयारी करता रहा। अब बढ़िया रैंक मिल गई है।
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शहर के 3340 स्टूडेंटों ने 22 मई को जेईई एडवांस का पेपर दिया था। इसका रिजल्ट रविवार को घोषित हुआ। आईआईटी कानपुर के पास जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उसके मुताबिक शहर के 897 स्टूडेंटों ने जेईई एडवांस क्रैक किया है। इन सबको काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। कॉमन मेरिट लिस्ट के हिसाब से गोपाला टॉवर के पास काकादेव में रहने वाले प्रवर दीप सिंह की आल इंडिया रैंक 113 है। वह सिटी टॉपर भी हैं। प्रवर दीप को 372 में से 243 मार्क्स मिले हैं। मैथमेटिक्स पसंदीदा सब्जेक्ट है। प्रवरदीप को आईआईटी कानपुर जोन की रैंक भी मिली है। वह जोन के तीसरे टॉपर हैं।
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सर पद्मपत सिंहानिया से इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने वाले विभोर पोरवाल की आल इंडिया रैंक 120 है। वह सिटी के सेकेंड टॉपर हैं। आईआईटी कानपुर जोन में चौथी रैंक मिली है। जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन 2016 में 284 मार्क्स हासिल करके सिटी टॉपर बनने वाले गगनदीप सिंह ने जेईई एडवांस में भी झंडा गाड़ा है। जेईई एडवांस में गगनदीप को 321 रैंक मिली है और वह सिटी के थर्ड टॉपर हैं। शास्त्री नगर में रहने वाले गगनदीप ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई इसी साल सनातन धर्म स्कूल से पूरी की है। वह आईआईटी कानपुर या फिर दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाह रहे हैं। डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजूकेशन सेंटर अवधपुरी के स्टूडेंट पुष्कर दीक्षित की आल इंडिया 463वीं रैंक है। वह भी आईआईटी कानपुर में एडमिशन लेंगे। पुष्कर की सिटी मेें चौथी रैंक है। 624वीं रैंक हासिल करने वाले जसकरन सिंह की सिटी में पांचवीं रैंक है। कुशाग्र राजपूत को भी टॉप-1000 में जगह मिली है। 828वीं रैंक हासिल करने वाले कुशाग्र को पहले प्रयास में ही सफलता मिली है।
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नीलेश को ओंकारेश्वर स्कूल, भाभा सुपर-35 बैच का मिला सहारा प्रोफाइल
फिजिकली डिसेबिल्ड (ओबीसी) से ऑल इंडिया टॉपर (रैंक-1)नीलेश वर्मा का दाहिना हाथ बचपन से खराब है। वह बाएं हाथ से लिखने समेत सभी काम करते हैं। आर्थिक और पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस पर यूपी बोर्ड से संबद्ध ओंकारेश्वर स्कूल और भाभा क्लासेस सुपर-35 बैच का सहारा मिला। स्कूल प्रिंसिपल डॉ. मिलन सिंह ने नीलेश के नि:शुल्क पढ़ाई की व्यवस्था की, जो कक्षा 12 तक चलता रहा। भाभा ग्रुप के चेयरमैन चेयरमैन महेश सिंह चौहान ने मैथमेटिक्स और केमिस्ट्री की नि:शुल्क कोचिंग कराई। अब नीलेश ने जेईई एडवांस क्रैक कर लिया है। इससे नीलेश के माता-पिता और भाई उत्साहित हैं। नीलेश ने इसी साल (2016) 93.6 फीसदी मार्क्स हासिल इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और पहले ही प्रयास में सफलता मिल गई। 372 में से 170 मार्क्स हासिल करने वाले नीलेश का इरादा अब आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक करना है। नीलेश का पसंदीदा सब्जेक्ट फिजिक्स है। कंप्यूटर की पढ़ाई अच्छी लगती है। नीलेश का कहना है कि आर्थिक रूप से परेशानी थी लेकिन ओंकारेश्वर और भाभा क्लासेस सुपर 35 बैच का सहयोग मिला। आईआईटी से पढ़ाई का सपना पूरा हो जाएगा। आर्थिक संकट की वजह से पढ़ाई में दिक्कत जरूर आई थी लेकिन कभी हौसला नहीं हारा। मेहनत और लगन से तैयारी करता रहा। अब बढ़िया रैंक मिल गई है।