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डीजीक्यूए भर्ती घोटाला: शिकायत करने वाले को धमकी, आयकर विभाग कर सकता है जांच, सीबीआई ने खंगाले थे लेन-देन
Sun, 17 Jan 2021 10:11 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 17 Jan 2021 10:11 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
कानपुर के कैंट स्थित डायरेक्टर जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस (डीजीक्यूए) कांप्लेक्स स्थित सामान्य वस्तु नियंत्रणालय में 2016 में छह क्लर्कों की भर्ती घोटाले की शिकायत करने वाले और चयनित अभ्यर्थी स्नेहा कुशवाहा को धमकी दी जा रही है। शुक्रवार रात कुछ लोगों ने उनके घर पर जाकर धमकी दी है।
शिकायत वापस लेने का भी दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि भर्ती बोर्ड चेयरमैन डॉ.संतोष तिवारी के अलावा डीजीक्यूए सलाहकार समिति के अध्यक्ष एचएन तिवारी की भूमिका संदिग्ध मिली है। इनके परिवार के ही कई सदस्य डीजीक्यूए या रक्षा क्षेत्र से जुड़े विभागों में नौकरी कर रहे हैं। इसमें भी साठगांठ की गई है।
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शिकायत वापस लेने का भी दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि भर्ती बोर्ड चेयरमैन डॉ.संतोष तिवारी के अलावा डीजीक्यूए सलाहकार समिति के अध्यक्ष एचएन तिवारी की भूमिका संदिग्ध मिली है। इनके परिवार के ही कई सदस्य डीजीक्यूए या रक्षा क्षेत्र से जुड़े विभागों में नौकरी कर रहे हैं। इसमें भी साठगांठ की गई है।
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इस बिंदु पर भी जांच की मांग अभ्यर्थियों ने की है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट होने के बाद अब तक कोई कार्रवाई न होने की भी जांच की मांग चयनित अभ्यर्थियों ने की है। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने जांच के दौरान बोर्ड चेयरमैन, सलाहकार, अभ्यर्थियों के बैंक के लेन-देन संबंधी बिंदु पर जांच की थी। बैंकों के स्टेटमेंट निकलवाए गए थे।
एक आरोपी के पास करोड़ों का मकान व अन्य संपत्ति होने की जानकारी मिली है। ऐसे में आयकर विभाग भी जांच कर सकता है। इस मामले में सीबीआई और एंटी करप्शन सेल की कार्रवाई शुरू होने के बाद आरोपी जुगाड़ में लग गए हैं। लखनऊ से लेकर दिल्ली के चक्कर काट रहे हैं।
बड़े-बड़े लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इसमें रक्षा-प्रतिरक्षा के अलावा राजनीतिक दल के लोग भी शामिल हैं। इस मामले में आयकर विभाग भी जांच-पड़ताल कर सकता है। सीबीबाई ने छानबीन के दौरान बैंक से जुड़े लेन-देन की भी जांच की थी। इसमें भी कई चीजें संदिग्ध मिली थीं।
एक आरोपी के पास करोड़ों का मकान व अन्य संपत्ति होने की जानकारी मिली है। ऐसे में आयकर विभाग भी जांच कर सकता है। इस मामले में सीबीआई और एंटी करप्शन सेल की कार्रवाई शुरू होने के बाद आरोपी जुगाड़ में लग गए हैं। लखनऊ से लेकर दिल्ली के चक्कर काट रहे हैं।
बड़े-बड़े लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इसमें रक्षा-प्रतिरक्षा के अलावा राजनीतिक दल के लोग भी शामिल हैं। इस मामले में आयकर विभाग भी जांच-पड़ताल कर सकता है। सीबीबाई ने छानबीन के दौरान बैंक से जुड़े लेन-देन की भी जांच की थी। इसमें भी कई चीजें संदिग्ध मिली थीं।