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Raid: कानपुर में शिखर के ठिकानों पर फिर छापा, दो कारोबारियों से पूछताछ
Mon, 10 Jan 2022 04:44 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 10 Jan 2022 04:44 PM IST
सार
कानपुर में शिखर पान मसाला वालों के यहां डीजीजीआई अहमदाबाद की टीम ने छापेमारी की है। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोदाम कार्यालय में टीमें सोमवार सुबह पहुंचीं। कंपनी का कामकाज देखने वाले दो लोगों से टीम ने पूछताछ की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डीजीजीआई (महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस) अहमदाबाद की टीम ने शिखर पान मसाला के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कार्यालय और गोदाम पर रविवार देररात एक बार फिर छापा मारा। टीम ने पान मसाला समूह से जुड़े सुपाड़ी सप्लायर अनिल अग्रवाल और पैकेजिंग समेत कंपनी का कानपुर का काम देखने वाले पवन मित्तल से घंटों पूछताछ की।
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सूत्रों के मुताबिक, गणपति ट्रांसपोर्ट और इत्र व कंपाउंड कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर पिछले माह छापों के दौरान बरामद दस्तावेजों में कारोबारी जुड़ाव मिलने पर यह कार्रवाई की गई। डीजीजीआई अहमदाबाद की टीमों ने 22 दिसंबर को शिखर पान मसाला के मालिक प्रदीप अग्रवाल, गणपति ट्रांसपोर्ट के मालिक प्रवीण जैन और इत्र व कंपाउंड कारोबारी पीयूष जैन के यहां एक साथ छापा मारा था।
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जांच-पड़ताल में पीयूष जैन के आनंदपुरी स्थित आवास से 177.45 करोड़ और कन्नौज से 19 करोड़ समेत 196.45 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी। इसके अलावा 23 किलो सोना भी मिला था।
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इसमें से 12 किलो सोना विदेशी था। अहमदाबाद में गणपति ट्रांसपोर्ट के चार ट्रक पकड़े पकड़े जाने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। कर चोरी की पुष्टि होने पर गणपति ट्रांसपोर्ट की ओर से 3.09 करोड़ रुपये जमा किए गए थे।
इसकी पुष्टि डीजीजीआई ने अपने बयान में भी की थी। अब मामले में लगातार जांच चल रही है। इसमें बोगस खरीद व बिक्री और ऑडिट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिलने के बाद डीजीजीआई ने फिर से कार्रवाई की है।
इसकी पुष्टि डीजीजीआई ने अपने बयान में भी की थी। अब मामले में लगातार जांच चल रही है। इसमें बोगस खरीद व बिक्री और ऑडिट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिलने के बाद डीजीजीआई ने फिर से कार्रवाई की है।
सूत्रों के अनुसार, रविवार रात को टीमों ने फिर से शिखर पान मसाला के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कार्यालय और गोदाम में छापा मारा। यहां पर तमाम दस्तावेज की जांच-पड़ताल की। इसके बाद ग्रुप के करीबी पवन मित्तल और अनिल अग्रवाल से घंटों पूछताछ की। इस दौरान कारोबार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली।
प्रदीप अग्रवाल के करीबी पवन-अनिल
सूत्रों ने बताया कि पवन मित्तल शिखर पान मसाला के मालिक प्रदीप अग्रवाल का पुराना मित्र है। कंपनी में माल तैयार होने से लेकर सप्लाई तक की जिम्मेदारी इसी पर है। प्रदीप अग्रवाल दिल्ली में बैठते हैं। उनका कारपोरेट कार्यालय भी वहीं है।
प्रदीप अग्रवाल के करीबी पवन-अनिल
सूत्रों ने बताया कि पवन मित्तल शिखर पान मसाला के मालिक प्रदीप अग्रवाल का पुराना मित्र है। कंपनी में माल तैयार होने से लेकर सप्लाई तक की जिम्मेदारी इसी पर है। प्रदीप अग्रवाल दिल्ली में बैठते हैं। उनका कारपोरेट कार्यालय भी वहीं है।
कानपुर और आसपास के जिलों के कामकाज की देखरेख पवन ही करता है। इसी तरह अनिल अग्रवाल लंबे समय से कंपनी में सुपाड़ी की सप्लाई कर रहा है। दोनों कंपनी के बारे में सारी जानकारी रखते हैं। संभावना है कि जल्द ही टीम कंपनी से जुड़े और लोगों से पूछताछ करे।
ट्रांसपोर्ट नगर में दो कारखाने
सूत्रों के अनुसार कंपनी का कार्यालय और गोदाम ट्रांसपोर्ट नगर में ही है। यहीं पर इनकी दो फैक्ट्रियां भी हैं, जिनमें पान मसाला बनाने और पैकेजिंग का काम होता है। इसमें बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। सूत्रों ने बताया कि कंपनी का कारोबार 50 हजार करोड़ से ज्यादा का है। रियल इस्टेट और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी समूह का निवेश है।
ट्रांसपोर्ट नगर में दो कारखाने
सूत्रों के अनुसार कंपनी का कार्यालय और गोदाम ट्रांसपोर्ट नगर में ही है। यहीं पर इनकी दो फैक्ट्रियां भी हैं, जिनमें पान मसाला बनाने और पैकेजिंग का काम होता है। इसमें बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। सूत्रों ने बताया कि कंपनी का कारोबार 50 हजार करोड़ से ज्यादा का है। रियल इस्टेट और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी समूह का निवेश है।