कानपुर को उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक का मैसेज: औद्योगिक विकास में शहर का योगदान अहम, सरकार आपके साथ खड़ी है
चैंबर सभागार में आयोजित समारोह में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मर्चेंट्स चैंबर तब बना जब हम गुलामी का जीवन जी रहे थे। ऐसे में यह यादगार है। कानपुर के उद्योगपति दिल्ली, मुंबई चले गए थे। अब वापस लौट रहे हैं। शहर के विकास, औद्योगिक स्वरूप को बढ़ाने में चैंबर रूपरेखा और सुझाव दे।
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प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में शहर का योगदान अहम है। शहर को आगे बढ़ाने में सरकार पूरी तरह से साथ खड़ी है। शहर के विकास में जेके समूह का योगदान अविस्मरणीय है। मर्चेंट चैंबर आफ उप्र के अधिष्ठापन समारोह में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के औद्योगिक स्वरूप को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने चैंबर के नए अध्यक्ष अभिषेक सिंघानिया और उपाध्यक्ष मयंक खन्ना को बैज पिन लगाकर कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया पूरी की। चैंबर की अलग-अलग कमेटी के पदाधिकारियों को उपमुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
शहर को आगे बढ़ाने में हर कदम पर सरकार करेगी सहयोग
चैंबर सभागार में आयोजित समारोह में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मर्चेंट्स चैंबर तब बना जब हम गुलामी का जीवन जी रहे थे। ऐसे में यह यादगार है। कानपुर के उद्योगपति दिल्ली, मुंबई चले गए थे। अब वापस लौट रहे हैं। शहर के विकास, औद्योगिक स्वरूप को बढ़ाने में चैंबर रूपरेखा और सुझाव दे। वहीं कहा कि शहर में विकास तेजी से हो रहा है। कई अफसर अच्छा कम करते हैं लेकिन उनके जाने से काम प्रभावित न हो। विकास न रूके इसके लिए मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
आगे कहा कि लाल इमली कानपुर की पहचान है। फिर से यहां उद्योग स्थापित हों। हर जगह केंद्र से प्रदेश तक पैरवी करेंगे। शहर को खुद से जोड़ते हुए कहा कि उन्नाव और कानपुर ट्विन सिटी है। पुराने गंगापुल से आते-जाते थे। लेकिन यहां पर पुल न होने से शुक्लागंज से पहले फूलबाग आ जाते थे। लेकिन किदवईनगर में रहने वाले बाद में पहुंचते थे। 2007 में नया पुल गंगापुल पर बनवाया। उन्होंने कहा कि कानपुर की हवा हमें पता चलती है। पहले बहनें रहती थीं। अब बेटी भी यहीं पर।
वहीं पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में हुआ जी-20 अद्भुत व आश्चर्यजनक है। पूरी दुनिया ने सराहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन अलग है। वहीं कहा कि कानपुर दक्षिण में सौ बेड का अस्पताल जल्द शुरू होगा। इस मौके पर सीएसजेएमयू के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक, आरएसएस के प्रांत प्रचारक श्रीराम, अतुल कनोडिया, मुकुल टंडन, महेंद्र मोहन गुप्ता, महेंद्र मोदी आदि थे।
स्टार्टअप और महिला उद्यमिता को चैंबर देगा बढ़ावा
चैंबर के अध्यक्ष अभिषेक सिंघानिया ने कहा कि वो 2008 में शहर वापस आए थे। शहर की खोई पहचान वापस लाने के लिए सभी के साथ मिलकर काम किया जाएगा। युवाओं और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए चैंबर स्टार्टअप को बढ़ावा देगा। चैंबर की कमेटी वेंचर कैपिटल फंड उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए सीएसजेएमयू और आईआईटी कानपुर से भी सहयोग लिया जाएगा। एमएसएमई की समस्या फंड को लेकर रहती है।
पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने अपना विजन बताया। कानपुर कल आज और कल थीम पर शहर के विकास, आधारभूत ढांचा बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात रखी। कहा कि शहर में निवेश अलग-अलग चरण में आएगा। एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। रात में विमान उतरने की सुविधा के बाद परिस्थितियां और बदलेंगी। जरीब चौकी रेल क्रासिंग पर ओवरव्रिज बने। मेट्रो शहर में तेजी से बन रही है। साढ़ में डिफेंस कॉरिडोर, रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर बनने से निवेश बढ़ेगा। उपाध्यक्ष मयंक खन्ना ने कहा कि गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर शहर में अटल घाट से सिद्धनाथ घाट तक कानपुर गंगा रिवर फ्रंट बनाए जाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस दिशा में प्रदेश सरकार काम कर रही है। डिफेंस कॉरिडोर में अदाणी ग्रुप ने निवेश किया है। इससे शहर में उद्योग बढ़ने में और सहायता मिलेगी।
इनका किया गया सम्मान
कानपुर। मानसी लोहिया, साक्षी भरतिया, आरके अग्रवाल, आशीष चौहान, डा. आईएम रोहतगी, सुधींद्र जैन,स्वतंत्र सिंह, विमल झांझरिया, संतोष कुमार गुप्ता, डा. अतुल कपूर, डा. अवध दुबे, डा. एएस प्रसाद, श्याम मल्होत्र, अनिल कुमार सक्सेना, विजय पांडेय, दिलीप अग्रवाल, डा. आरती गुप्ता, सुशील शर्मा, मनीष कटारिया, अनिल अग्रवाल, टीकमचंद सेठिया। कुछ लोगों के मौजूद न होने पर उनके परिजनों ने सम्मान ग्रहण किया। दो लोग मौके पर नहीं थे। उन्हें बाद में प्रतीक चिन्ह दिया जाएगा।