{"_id":"0c46358358a432c7dae0d439a9b3f86b","slug":"defense-secretary-second-visit-within-a-month-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माह के अंदर रक्षा सचिव का दूसरा दौरा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक माह के अंदर रक्षा सचिव का दूसरा दौरा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 15 Dec 2014 03:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनोहर पार्रिकर के रक्षा मंत्रालय संभालने के बाद से आयुध कारखानों की गतिविधियों में जहां तेजी आई है वहीं मंत्रालय ने इन पर निगहबानी भी तेज कर दी है।
एक माह के भीतर दूसरी बार शहर की आयुध निर्माणियों में सेकेट्री (डिफेंस प्रोडक्शन) का दौरा इस बात को साबित भी करता है।
जिन फैक्ट्रियों में रक्षा सचिव को कमियां नजर आईं, उन्होंने उन्हें दूर करने के निर्देश दिए और जहां बेहतरी दिखाई दी उसकी उन्होंने खुले दिल से तारीफ भी की।
हालांकि उन्होंने स्माल आर्म्स फैक्ट्री में कम वर्क लोड को लेकर चिंता भी जताई है।
रक्षा सचिव जी. मोहन कुमार शुक्रवार को शहर आए। सबसे पहले उन्होंने कालपी रोड पर स्थित ओएफसी, फील्ड गन फैक्ट्री और स्माल आर्म्स फैक्ट्री का दौरा किया।
एसएएफ में कम वर्क लोड को लेकर चिंता जताई। साथ ही कहा कि जल्द से जल्द फैक्ट्री में मॉर्डनाइजेशन का काम समाप्त करें, ताकि नई तकनीकि के जरिए उत्पाद बनाकर आर्मी की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
उधर अन्य दोनों फैक्ट्रियों में बन रही स्वदेशी बोफोर्स तोप धनुष के निर्माण को बारीकी से देखा। अधिकारियों से चर्चा के दौरान उन्होंने धनुष की क्षमता में बढ़ोत्तरी के लिए शोध कार्य जारी रखने को कहा।
विज्ञापन
वहीं शनिवार को रक्षा सचिव ओईएफ और पैराशूट फैक्ट्री पहुंचे। ओईएफ के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल से मुलाकात में उन्होंने कहा कि यहां बन रहे उत्पादों की कीमतों में और कमी लाई जाए, क्योंकि ओईएफ ग्रुप में बनने वाले उत्पाद बाजार के मुकाबले ऊंची कीमत के हैं।
उधर पैराशूट फैक्ट्री में बैठक के दौरान लक्ष्य पैराशूट के असफल होने के बाबत जानकारी ली। उन्होंने उच्च तकनीकि के उत्पादों के निर्माण पर जोर दिया।
विज्ञापन
एक माह के भीतर दूसरी बार शहर की आयुध निर्माणियों में सेकेट्री (डिफेंस प्रोडक्शन) का दौरा इस बात को साबित भी करता है।
जिन फैक्ट्रियों में रक्षा सचिव को कमियां नजर आईं, उन्होंने उन्हें दूर करने के निर्देश दिए और जहां बेहतरी दिखाई दी उसकी उन्होंने खुले दिल से तारीफ भी की।
हालांकि उन्होंने स्माल आर्म्स फैक्ट्री में कम वर्क लोड को लेकर चिंता भी जताई है।
रक्षा सचिव जी. मोहन कुमार शुक्रवार को शहर आए। सबसे पहले उन्होंने कालपी रोड पर स्थित ओएफसी, फील्ड गन फैक्ट्री और स्माल आर्म्स फैक्ट्री का दौरा किया।
एसएएफ में कम वर्क लोड को लेकर चिंता जताई। साथ ही कहा कि जल्द से जल्द फैक्ट्री में मॉर्डनाइजेशन का काम समाप्त करें, ताकि नई तकनीकि के जरिए उत्पाद बनाकर आर्मी की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
विज्ञापन
उधर अन्य दोनों फैक्ट्रियों में बन रही स्वदेशी बोफोर्स तोप धनुष के निर्माण को बारीकी से देखा। अधिकारियों से चर्चा के दौरान उन्होंने धनुष की क्षमता में बढ़ोत्तरी के लिए शोध कार्य जारी रखने को कहा।
विज्ञापन
वहीं शनिवार को रक्षा सचिव ओईएफ और पैराशूट फैक्ट्री पहुंचे। ओईएफ के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल से मुलाकात में उन्होंने कहा कि यहां बन रहे उत्पादों की कीमतों में और कमी लाई जाए, क्योंकि ओईएफ ग्रुप में बनने वाले उत्पाद बाजार के मुकाबले ऊंची कीमत के हैं।
उधर पैराशूट फैक्ट्री में बैठक के दौरान लक्ष्य पैराशूट के असफल होने के बाबत जानकारी ली। उन्होंने उच्च तकनीकि के उत्पादों के निर्माण पर जोर दिया।