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बेटी के हाथ पीले न कर पाने के सदमे में किसान की मौत
टीम डिजिटल/अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 11 Sep 2016 05:15 PM IST
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कुदरत का कहर झेलने के बाद बेटी की शादी करने में नाकाम हो रहे छतरपुर के एक किसान की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। महोबा के अधिकतर किसानों का यही हाल है। तीन साल तक बेचारे किसान सूखे का संकट झेलते रहे और इस साल बारिश ने ऐसा रिकॉर्ड तोड़ा कि फसलें तक सड़नें लगी हैं। सरकार और प्रशासनिक अमला जल्द से जल्द न जागा तो महोबा के किसानों की जानें बचाना मुश्किल हो जाएगा।
थाना बारीगढ़ ग्राम जौराहा निवासी राम विशाल (43) की फसल इस साल भीषण बारिश के कारण सड़ गई। जिसकी वजह से वह कई दिनों से परेशान रहते थे। इसी साल बेटी राधा के हाथ पीले करने थे लेकिन फसल चौपट हो जाने और कर्जे का बोझ रामविशाल के सब्र का बांध तोड़ता जा रहा था। रविवार दोपहर रामविशाल छाती पकड़के अपने घर के दरवाजे के बाहर अचानक गिर गये परिजनों ने आनन-फानन सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि राम विशाल की बेटी राधा की इसी साल शादी होनी है फसल चौपट होने का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सके।
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थाना बारीगढ़ ग्राम जौराहा निवासी राम विशाल (43) की फसल इस साल भीषण बारिश के कारण सड़ गई। जिसकी वजह से वह कई दिनों से परेशान रहते थे। इसी साल बेटी राधा के हाथ पीले करने थे लेकिन फसल चौपट हो जाने और कर्जे का बोझ रामविशाल के सब्र का बांध तोड़ता जा रहा था। रविवार दोपहर रामविशाल छाती पकड़के अपने घर के दरवाजे के बाहर अचानक गिर गये परिजनों ने आनन-फानन सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि राम विशाल की बेटी राधा की इसी साल शादी होनी है फसल चौपट होने का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सके।
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