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फतेहपुर: सैनिक को बेटी ने दी मुखाग्नि, अंतिम विदाई मेें उमड़ा हुजूम, वीरेंद्र की बीमारी से हो गई थी मौत
Wed, 07 Oct 2020 12:47 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 07 Oct 2020 12:47 AM IST
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जवान का रखा ताबूत
- फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर जिले के जाफरगंज में कोच्ची स्थित आईएनएस गरुण के डिफेंस सिक्योरिटी कोर में सेवा दे रहे वीरेंद्र कुमार की चार अक्तूबर को किडनी फेल होने के कारण नागपुर में मौत हो गई थी।
उनका शव मंगलवार को जैसे ही बिंदकी तहसील क्षेत्र के पूरेदान गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। सुखलाल सिंह के बेटे वीरेंद्र कुमार (51) 16 मार्च 1988 को सेना में भर्ती हुए थे। पहली नियुक्ति सिपाही के पद पर जबलपुर में हुई थी।
कानपुर की बटालियन से आए नायब सूबेदार एसके पांडेय, नायक ज्योति शशि व लांस नायक विक्रम सिंह के सलामी देने के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। गांव के बाहर खेत पर वीरेंद्र कुमार के पार्थिव शरीर को अविवाहित बड़ी बेटी कल्पना ने मुखाग्नि दी। छोटी बेटी कीर्ति है। पत्नी पार्वती व भाई सतेंद्र सिंह हैं।
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उनका शव मंगलवार को जैसे ही बिंदकी तहसील क्षेत्र के पूरेदान गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। सुखलाल सिंह के बेटे वीरेंद्र कुमार (51) 16 मार्च 1988 को सेना में भर्ती हुए थे। पहली नियुक्ति सिपाही के पद पर जबलपुर में हुई थी।
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कानपुर की बटालियन से आए नायब सूबेदार एसके पांडेय, नायक ज्योति शशि व लांस नायक विक्रम सिंह के सलामी देने के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। गांव के बाहर खेत पर वीरेंद्र कुमार के पार्थिव शरीर को अविवाहित बड़ी बेटी कल्पना ने मुखाग्नि दी। छोटी बेटी कीर्ति है। पत्नी पार्वती व भाई सतेंद्र सिंह हैं।
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