फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Damage to wheat-mustard due to rain in Hardoi, farmers upset, demanded compensation

Hardoi: बरसात से गेहूं-सरसों को नुकसान, किसान परेशान...मांगा मुआवजा, कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

Tue, 21 Mar 2023 10:54 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 21 Mar 2023 10:54 PM IST
सार

किसानों का कहना है कि फसल के नुकसान के साथ ही डर सता रहा है कि यदि फसल खराब हो गई, तो अब बैंकों का कर्ज कैसे भरेंगे। पूरे परिवार का पालन कैसे करेंगे, जो स्थिति है उससे तो लागत भी नहीं निकल सकेगी।

विज्ञापन
Damage to wheat-mustard due to rain in Hardoi, farmers upset, demanded compensation
कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने जाते किसान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरदोई जिले में तीन दिन से रुक रुककर हो रही बारिश से फसलों में नुकसान हुआ है। बरसात ने सरसों-गेहूं व धनिया के दानों के साथ किसानों के सपने भी मिट्टी में मिला दिया। किसान इस बार अच्छी फसल की उम्मीद लगा रहा था। किसी को बेटी की शादी करनी थी तो किसी को कर्जा चुकाना था।

विज्ञापन

अब स्थिति यह है कि छोटे किसान परिवारों में तो सालभर खाने का भी अनाज नहीं बच पाएगा। विशेषज्ञ 18 से 20 फीसदी फसल खराब होने की बात कह रहे हैं। वहीं, किसान सर्वे कराने की मांग प्रशासन से की है। जिले में लगभग 3.5 लाख हेक्टेयर में बोई गई फसलों में गेहूं की फसल पकने की कगार पर है।
विज्ञापन

सोमवार को तीसरे दिन भी रुक रुककर बारिश होती रही। इस समय बारिश से जो गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें ज्यादातर वे गांव है, जिनमें खरीफ सीजन की फसल जलभराव से नष्ट हो गई थी। नुकसान की स्थिति यह है कि पकी खड़ी सरसों की फसल की फलियां चटक कर दाने टपक गए और खाली फलियां लगी रह गईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रशासन का दावा- 18 से 20 फीसदी तक का ही नुकसान
किसानों के मुताबिक जो फसलें बच गईं वह धूप निकलने से चटकेंगी, इससे नुकसान बढ़ेगा। हालांकि प्रशासन का दावा है कि अभी 18 से 20 फीसदी तक का ही नुकसान हुआ है। ऐसे में शासन की गाइडलाइन के मुताबिक 30 फीसदी के नुकसान होने पर ही सर्वे कराया जाएगा।

किसानों की होगी हर संभव सहायता
उप निदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर का कहना है कि अभी 18 से 20 फीसदी फसल प्रभावित होने की जानकारी किसान दे रहे हैं। नुकसान के सही आकलन के लिए टीमें कार्य कर रही है। अगर बारिश एक-दो और हुई तो उत्पादन घटने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मांगा मुआवजा
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें किसानों को असमय हुई बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाने की मांग की गई।

आलू के भंडारण की हो उचित व्यवस्था 
जिलाध्यक्ष राज बहादुर सिंह यादव ने दिए गए ज्ञापन में बताया कि आकस्मिक हुई बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। उसका आकलन कर किसानों को मुआवजा दिया जाए। आलू के भंडारण की उचित व्यवस्था की जाए।

अधिग्रहित भूमि का नहीं हुआ नुकसान
 बिलग्राम क्षेत्र के बसहर, पुसेड़ा, जरौली शेरपुर आदि कई गांवों के किसानों की भूमि गंगा एक्सप्रेस के लिए अधिग्रहित की गई है, मगर उसका भुगतान नहीं किया गया। किसानों के बकाया का भुगतान किया जाए। महेश, संतोष यादव, राम किशन, ओम प्रकाश वर्मा सहित कई किसान मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed