फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Criminal Story:हाईटेक युग में ‘बीहड़ों का गब्बर’ बना ये डकैत, STF के एनकाउंटर से हर बार बच निकला

Thu, 21 Sep 2017 06:57 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 21 Sep 2017 06:57 PM IST
विज्ञापन
dacoit babuli kol story
बबुली गैंग की तलाश कर रही पुलिस

हाईटेक युग में बीहड़ों का स्वरूप भले ही न बदला हो लेकिन बीहड़ों में रहने वाले खूंखार डकैतों का काम करने का तरीका बिल्कुल बदल चुका है। ये अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं। नये जमाने की टेक्नलॉजी के साथ हाईटेक हथियार रखने वाला यूपी का सबसे बड़ा ‘गब्बर’ इस समय पुलिस के लिए ‘बिग चैलेन्ज’ बन चुका है।



STF के एनकाउंटर से हर बार बच निकलने वाला ये डकैत इतना शातिर है कि इसके नाम से ही पूरा बुंदेलखंड थर्राता है। कहते हैं इसकी बीहड़ों में खूब चलती है। बीहड़ों में एक डकैत मरता है तो दूसरा उसका स्थान ले लेता है. कभी ददुआ, तो कभी ठोकिया,लखड़िया और अब बबुली कोल।

इन डाकुओं के गैंग पुलिस के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। पुलिस की हाईटेक हथियार लूटकर गांववालों को दहशत में रखने वाले इस इनामी डकैत बबुली को पकड़ना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। 

dacoit babuli kol story
बबुली गैंग की तलाश कर रही पुलिस

जानें, कौन है बबुली कोल
बबुली कोल की उम्र इस समय करीब 38 साल होगी। बबुली कोल पर इस समय साढ़े पांच लाख का इनाम है। चित्रकूट जिले के डोडा सोसाइटी क्षेत्र के के गांव कोलान टिकरिया के मजदूर रामचरन के घर में 1979 में हुआ था। बबुली गांव के ही प्राथमिक स्कूल से क्लास आठ तक की पढ़ाई की। फिर 12वीं की पढ़ाई के लिए वह बांदा चला गया। लेकिन 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्थिक स्थित ठीक न होने के चलते गांव आ गया और किसानी करने लगा।

dacoit babuli kol story
बबुली गैंग की तलाश कर रही पुलिस

जेल जाने की वजह से बना डकैत
साल 2007 में पुलिस ने उसे ठोकिया की मदद के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और तमंचा दिखाकर जेल भेज दिया। छह माह जेल के अंदर रहने के दौरान ठोकिया के साथी लाले पटेल से इसकी मुलाकात हो गई। जेल से छूटने के बाद बबली ने लाले को छुड़ाने के लिए जाल बिछाया। जब पेशी नें लाले आया तो उसे वहां से बबली कोल फरार करा ले गया और दोनों पाठा के जंगल में कूद गए। पिछले कुछ महीनों से पुलिस इलाके की काम्बिंग कर रही थी। पुलिस का मानना है कि बारिश के दौरान डकैत जंगल से गांव की तरफ आते हैं। बारिश के बाद घने होते जंगल इनके छिपने का मुफीद इलाका होता है। तब इन्हें तलाशना बहुत मुश्किल हो जाता है।
 


 
विज्ञापन
विज्ञापन
dacoit babuli kol story
बबुली गैंग की तलाश कर रही पुलिस

सब इंस्पेक्टर जेपी सिंह हुए थे शहीद
बबुली कोल गैंग की 20 दिन पहले पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाउंटर में एक डाकू पकड़ा गया तो दूसरी ओर सब इंस्पेक्टर जेपी सिंह शहीद हो गए। इससे पहले भी कई बार बाबली कोल की पुलिस से मुठभेड़ हो चुकी है, लेकिन वह हमेशा पुलिस की पकड़ से दूर ही रहा है। 

विज्ञापन
dacoit babuli kol story
बबुली गैंग की तलाश कर रही पुलिस

कभी ददुआ का चेला था फिर बलखड़िया गैंग में शामिल हुआ
यूपी के बुंदलेखंड में इस समय दहशत का सबसे बड़ा नाम बबुली कोल है। उसके नाम से बकायदा लेटरपैड से रंगदारी वसूली जाती है। पुलिस को बबुली कोल के कई लेटरपैड भी बरामद हुए हैं। डकैत बबुली कभी डकैत ददुआ का चेला हुआ करता था।  ददुआ की मौत के बाद वो दस्यु सरगना बलखड़िया उर्फ बाल खड़े उर्फ सुदेश पटेल के गिरोह में शामिल हुआ। एक मुठभेड़ में बलखड़िया के मरने के बाद बबली कोल  गैंग का सरदार बन गया। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed