{"_id":"6a691b508604d26beb093053","slug":"csjmu-will-train-skilled-artisans-for-the-industry-and-corporate-sectors-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1601777-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: उद्योग, कॉरपोरेट के कुशल कारीगर तैयार करेगा सीएसजेएमयू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: उद्योग, कॉरपोरेट के कुशल कारीगर तैयार करेगा सीएसजेएमयू
विज्ञापन
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने सत्र 2026-27 से समाज कार्य विभाग के अंतर्गत एमएसडब्ल्यू इन इंडस्ट्रियल रिलेशंस एंड ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट और एमएसडब्ल्यू इन लाइवलीहुड एंड सोशल एंटरप्रेन्योरशिप कोर्स की शुरुआत की है। प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों विषयों की 15-15 सीटों पर दाखिले पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होंगे।
उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली अपनाई जा रही है। ऐसे में दोनों पाठ्यक्रमों का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि कुशल पेशेवर तैयार करना है जो उद्योग, कॉर्पोरेट और सामाजिक क्षेत्रों में नेतृत्व कर सकें। यह नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
स्कूल ऑफ आर्ट्स ह्युमैनेटीज एंड सोशल साइंस के डीन प्रो. संदीप सिंह ने बताया कि एमएसडब्ल्यू (आईआर एवं एचआरएम) को आधुनिक कॉर्पोरेट जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसमें स्ट्रेटेजिक एचआर मैनेजमेंट, एचआर एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन एचआर, डिजिटल भर्ती, लिंक्डइन हायरिंग, लेबर लॉ, कंप्लायंस मैनेजमेंट, कर्मचारी जुड़ाव और फ्यूचर ऑफ वर्क जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। छात्रों को डिजिटल एचआर सिस्टम और नई कार्य संस्कृति की जानकारी मिलेगी। छात्रों को इंडस्ट्रियल विजिट, कॉर्पोरेट इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और केस स्टडी के माध्यम से वास्तविक अनुभव मिलेगा।
विज्ञापन
पढ़ाई के बाद मिलेंगे करियर अवसर
छात्र एचआर एग्जीक्यूटिव, टैलेंट एक्विजिशन स्पेशलिस्ट, एचआर एनालिस्ट, लेबर वेलफेयर ऑफिसर, कंप्लायंस ऑफिसर, सीएसआर प्रोफेशनल जैसे पदों पर कार्य कर सकेंगे। उन्हें एमएनसी, पब्लिक सेक्टर, आईटी सेक्टर, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय एनजीओ में भी व्यापक अवसर मिलेंगे। श्रम एवं रोजगार विभाग, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास और कौशल विकास मिशन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर खुलेंगे।
स्वरोजगार की दिशा में मजबूत कदम
प्रो. सिंह ने कहा कि एमएसडब्ल्यू इन लाइवलीहुड एंड सोशल एंटरप्रेन्योरशिप कार्यक्रम उन छात्रों के लिए खास है जो खुद का उद्यम शुरू करना चाहते हैं। इसमें आजीविका, सामाजिक उद्यमिता, स्वयं सहायता समूह, महिला सशक्तिकरण, परियोजना प्रबंधन और वित्तीय समावेशन जैसे विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विज्ञापन
उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली अपनाई जा रही है। ऐसे में दोनों पाठ्यक्रमों का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि कुशल पेशेवर तैयार करना है जो उद्योग, कॉर्पोरेट और सामाजिक क्षेत्रों में नेतृत्व कर सकें। यह नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
विज्ञापन
स्कूल ऑफ आर्ट्स ह्युमैनेटीज एंड सोशल साइंस के डीन प्रो. संदीप सिंह ने बताया कि एमएसडब्ल्यू (आईआर एवं एचआरएम) को आधुनिक कॉर्पोरेट जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसमें स्ट्रेटेजिक एचआर मैनेजमेंट, एचआर एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन एचआर, डिजिटल भर्ती, लिंक्डइन हायरिंग, लेबर लॉ, कंप्लायंस मैनेजमेंट, कर्मचारी जुड़ाव और फ्यूचर ऑफ वर्क जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। छात्रों को डिजिटल एचआर सिस्टम और नई कार्य संस्कृति की जानकारी मिलेगी। छात्रों को इंडस्ट्रियल विजिट, कॉर्पोरेट इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और केस स्टडी के माध्यम से वास्तविक अनुभव मिलेगा।
विज्ञापन
पढ़ाई के बाद मिलेंगे करियर अवसर
छात्र एचआर एग्जीक्यूटिव, टैलेंट एक्विजिशन स्पेशलिस्ट, एचआर एनालिस्ट, लेबर वेलफेयर ऑफिसर, कंप्लायंस ऑफिसर, सीएसआर प्रोफेशनल जैसे पदों पर कार्य कर सकेंगे। उन्हें एमएनसी, पब्लिक सेक्टर, आईटी सेक्टर, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय एनजीओ में भी व्यापक अवसर मिलेंगे। श्रम एवं रोजगार विभाग, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास और कौशल विकास मिशन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर खुलेंगे।
स्वरोजगार की दिशा में मजबूत कदम
प्रो. सिंह ने कहा कि एमएसडब्ल्यू इन लाइवलीहुड एंड सोशल एंटरप्रेन्योरशिप कार्यक्रम उन छात्रों के लिए खास है जो खुद का उद्यम शुरू करना चाहते हैं। इसमें आजीविका, सामाजिक उद्यमिता, स्वयं सहायता समूह, महिला सशक्तिकरण, परियोजना प्रबंधन और वित्तीय समावेशन जैसे विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।