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सीएसजेएमयू : इंटरमीडिएट में 45 फीसदी अंक तो भी बीटेक में मिलेगा दाखिला
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सीएसजेएमयू
- फोटो : सीएसजेएमयू
कानपुर। छत्रपति शाहू्जी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) के बीटेक पाठ्यक्रमों में अब जेईई मेन की रैंक और इंटरमीडिएट में 45 फीसदी अंक के आधार पर छात्रों को प्रवेश मिलेगा। संस्थान में बीटेक की 600 सीटें हैं। सोमवार को प्रवेश पंजीकरण शुरू हो गया है।
छत्रपति शाहू्जी महाराज विवि में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीटेक में प्रवेश जेईई मेन की रैंक के आधार पर लिया जाता है, लेकिन कई संस्थानों में इंटरमीडिएट के स्कोर को भी देखा जाता है। जैसे आईआईटी में प्रवेश के लिए इंटरमीडिएट में 75 फीसदी अंक होना जरूरी है तो एचबीटीयू में 50 फीसदी निर्धारित हैं।
इसी क्रम में विवि ने इंटरमीडिएट में 45 फीसदी अंक निर्धारित किए हैं। विवि प्रशासन का कहना है कि इंटरमीडिएट में कम अंक प्रतिशत से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा।
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वैसे भी छात्रों को दाखिला जेईई मेन की रैंक के आधार पर ही दिया जाता है। इससे अधिक संख्या में छात्र शामिल होंगे। इससे विश्वविद्यालय को दूसरी या तीसरी कटऑफ में ही सभी सीटें भरने का मौका मिल जाएगा।
विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआइईटी) में बीटेक पाठ्यक्रम की लगभग 600 सीटें हैं। इसमें बीटेक कंप्यूटर साइंस में 180, कंप्यूटर साइंस एंड एआई में 60, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन में 90 केमिकल इंजीनियरिंग में 90 और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 90 सीटें शामिल हैं।
विश्वविद्यालय की डीन एकेडमिक्स प्रो. बृष्टि मित्रा ने बताया कि इंटरमीडिएट में 45 फीसदी अंक पाए छात्र भी इंजीनियरिंग में आवेदन कर सकते हैं। विवि में जेईई रैंक को प्रवेश का आधार बनाया गया है।
कई बार जेईई की तैयारी के कारण ही छात्र इंटरमीडिएट में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। इस कारण प्रवेश जेईई रैंक पर ही दिया जाएगा। इससे उन छात्रों को भी लाभ मिलेगा, जिन्होंने जेईई की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया है।
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छत्रपति शाहू्जी महाराज विवि में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीटेक में प्रवेश जेईई मेन की रैंक के आधार पर लिया जाता है, लेकिन कई संस्थानों में इंटरमीडिएट के स्कोर को भी देखा जाता है। जैसे आईआईटी में प्रवेश के लिए इंटरमीडिएट में 75 फीसदी अंक होना जरूरी है तो एचबीटीयू में 50 फीसदी निर्धारित हैं।
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इसी क्रम में विवि ने इंटरमीडिएट में 45 फीसदी अंक निर्धारित किए हैं। विवि प्रशासन का कहना है कि इंटरमीडिएट में कम अंक प्रतिशत से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा।
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वैसे भी छात्रों को दाखिला जेईई मेन की रैंक के आधार पर ही दिया जाता है। इससे अधिक संख्या में छात्र शामिल होंगे। इससे विश्वविद्यालय को दूसरी या तीसरी कटऑफ में ही सभी सीटें भरने का मौका मिल जाएगा।
विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआइईटी) में बीटेक पाठ्यक्रम की लगभग 600 सीटें हैं। इसमें बीटेक कंप्यूटर साइंस में 180, कंप्यूटर साइंस एंड एआई में 60, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन में 90 केमिकल इंजीनियरिंग में 90 और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 90 सीटें शामिल हैं।
विश्वविद्यालय की डीन एकेडमिक्स प्रो. बृष्टि मित्रा ने बताया कि इंटरमीडिएट में 45 फीसदी अंक पाए छात्र भी इंजीनियरिंग में आवेदन कर सकते हैं। विवि में जेईई रैंक को प्रवेश का आधार बनाया गया है।
कई बार जेईई की तैयारी के कारण ही छात्र इंटरमीडिएट में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। इस कारण प्रवेश जेईई रैंक पर ही दिया जाएगा। इससे उन छात्रों को भी लाभ मिलेगा, जिन्होंने जेईई की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया है।