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वक्फ के जमीन कि पैरवी करने पर दो को भून दिया था , आज मिली उम्र कैद की सजा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 22 Sep 2016 11:47 PM IST
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एडीजे 6 अशोक कुमार यादव की कोर्ट ने हत्या में दो को उम्र कैद और 20-20 हजार रुपये की सजा सुनाई है। एक अभियुक्त के हाथ का पंजा न होने पर गोली न चला सकने की बात कोर्ट में नहीं ठहर सकी। पुलिस की फोरेसिंक जांच रिपोर्ट अहम रही। ग्वालटोली निवासी मो. हलीम ने मोहल्ले के ही साहब उर्फ हैदर अली और गुड्डू उर्फ नूरा उर्फ राशिद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि 25 अक्टूबर 2009 को रोडवेज में काम करने वाले उसके बड़े भाई मो. असलम रात 11:20 बजे घर आ रहा था। तभी इन लोगों ने मकबरा मैदान के पास उसे गोली मार दी। गोली मारते समय इन लोगों ने कहा कि ये भी वक्फ की जमीन के मामले में पैरवी करता है। गोली की आवाज सुनकर वहां मौजूद फारुख और मस्तान घटनास्थल की तरफ पहुंचे तो उन्होंने इन दोनों को भागते हुए देखा। सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने बताया कि बचाव पक्ष ने गुड्डू उर्फ नूरा उर्फ राशिद के एक हाथ का पंजा न होने के कारण गोली न चला सकने की बात कही थी पर यह बात साबित नहीं हो सकी। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर सजा सुनाई।