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दो दिन की बच्ची को फेंका, कुत्तों ने नोचा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 03 Sep 2015 01:49 AM IST
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वह बिटिया है, शायद इसीलिए कूड़े के ढेर में मरने के लिए फेंक दिया गया! लाल बंगला काजीखेड़ा में डॉ. चंदनखेड़ा क्लीनिक के सामने पड़ी इस दो-तीन दिन की बच्ची को कुत्ते नोच रहे थे।
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उसके रोने की आवाज सुनकर भीड़ लगी तो कुत्ते तो भाग गए लेकिन लोगों की संवेदनहीनता उनसे चिपकी रही। सभी उस निर्दयी को तो कोस रहे थे लेकिन बच्ची को उठाने की जहमत किसी ने नहीं की।
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इसी बीच वहां से गुजर रहे लाल बंगला निवासी पालीटेक्निक स्टूडेंट नितिन कनौजिया ने बच्ची को उठाया और अपने दोस्त की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची मेडिकल कॉलेज के बाल रोग स्थित एसएनसीयू के वेंटिलेटर पर है। विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव का कहना है कि कुत्तों के काटने से उसके पैर में घाव हो गए हैं। हालत अभी गंभीर है।
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नितिन ने बताया कि बुधवार सुबह वह पालीटेक्निक जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन टेंपो न मिलने के कारण घर लौट रहा था। क्लीनिक के सामने भीड़ देखी तो वह भी पहुंचा। देखा तो कूड़े के ढेर में रूई से लिपटी नन्ही बच्ची रो रही है।
बच्ची को गोद में लेकर डॉ. चंदनखेड़ा क्लीनिक पहुंचे तो डॉक्टर ने उसे देखने से ही मना कर दिया। फिर दोस्त आदित्य को बुलाया और उसकी बाइक से बच्ची को लेकर कांशीराम अस्पताल पहुंचे। यहां डॉ. पीयूष मिश्रा ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया और फिर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
डॉक्टर बोले, गंदी थी बच्ची
बच्ची का इलाज न करने वाले बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. चंदनखेड़ा का कहना है कि जब बच्ची क्लीनिक आई तो वह गंदी थी। बच्ची स्वस्थ थी। उसे बड़े अस्पताल ले जाने की जरूरत थी।
इसलिए इलाज नहीं किया। एसीएमओ डॉ. आरके यादव ने बच्ची का इलाज न करने वाले डॉक्टर को अमानवीय बताया है। उन्होंने कहा कि वह डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगेंगे। डॉक्टर को कम से कम बच्ची का प्राथमिक उपचार तो करना ही चाहिए था।
नितिन को सलाम
नितिन कहते हैं कि न जाने किस निर्दयी ने बच्ची को मरने के लिए कूड़े में फेंका होगा। वह तो दोषी है ही, लेकिन उससे भी ज्यादा दोषी वे लोग हैं जिन्होंने बच्ची को देखने के बाद भी उसे उठाया नहीं। सभी पुलिस के आने का इंतजार कर रहे थे।
चाइल्ड लाइन टीम ने किया निराश
सूचना पर चाइल्ड लाइन की टीम बाल रोग अस्पताल पहुंची। टीम के सदस्यों ने बच्ची को भर्ती कराने वाले नितिन कनौजिया, उनके भाई व जिम ट्रेनर विनय कनौजिया से पूरी जानकारी ली।