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यूपी: 236 संविदा कर्मियों के पीएफ के 60 लाख रुपये पार, केस दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
Mon, 30 Aug 2021 01:04 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 30 Aug 2021 01:04 AM IST
सार
संविदा कर्मियों की कंपनी के ठेकेदार का आरोपी परिचित है। उसने इन कर्मचारियों से संपर्क कर पीएफ की रकम निकलवाने की बात कही। इन कर्मचारियों ने उसको आधार नंबर समेत तमाम अहम जानकारियां दे दीं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में फर्जी बैंक खाते खुलवाकर संविदा कर्मियों के करीब 60 लाख रुपये हड़पने के मामले में बेकनगंज पुलिस ने रविवार को एफआईआर दर्ज की। आरोपी की गिरफ्तारी भी कर ली गई है। क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। केस्को कर्मियों ने खुद ही आरोपी को खोज निकाला।
जब पुलिस ने तफ्तीश की तो उस पर मुहर भी लग गई। आरोपी ने 236 संविदा कर्मियों के साथ ठगी की है। बीस से अधिक पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस के मुताबिक ग्वालटोली स्थित केस्को सबस्टेशन के संविदा कर्मी अजय और आनंद कुमार के साथ ठगी हुई।
उनकी पीएफ रकम इलाहाबाद बैंक से यस बैंक के खाते में ट्रांसफर हुई। उन्होंने शिकायत भी लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस बीच एक के बाद कुल 236 कर्मचारियों की तरफ से ऐसी शिकायत की गई। तब पीड़ितों ने केस्को संविदा कर्मचारी संगठन से शिकायत की।
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संगठन ने शक के आधार पर रविवार को पुलिस के साथ मिलकर दलेलपुर निवासी मुकल दुबे के घर दबिश डलवाई। जब पुलिस ने उसको हिरासत लिया तो स्पष्ट हो गया कि मुकुल ने ही पूरी ठगी को अंजाम दिया। बेकनगंज थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसीपी अनवरगंज मोहम्मद अकमल खान का कहना है कि मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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जब पुलिस ने तफ्तीश की तो उस पर मुहर भी लग गई। आरोपी ने 236 संविदा कर्मियों के साथ ठगी की है। बीस से अधिक पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस के मुताबिक ग्वालटोली स्थित केस्को सबस्टेशन के संविदा कर्मी अजय और आनंद कुमार के साथ ठगी हुई।
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उनकी पीएफ रकम इलाहाबाद बैंक से यस बैंक के खाते में ट्रांसफर हुई। उन्होंने शिकायत भी लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस बीच एक के बाद कुल 236 कर्मचारियों की तरफ से ऐसी शिकायत की गई। तब पीड़ितों ने केस्को संविदा कर्मचारी संगठन से शिकायत की।
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संगठन ने शक के आधार पर रविवार को पुलिस के साथ मिलकर दलेलपुर निवासी मुकल दुबे के घर दबिश डलवाई। जब पुलिस ने उसको हिरासत लिया तो स्पष्ट हो गया कि मुकुल ने ही पूरी ठगी को अंजाम दिया। बेकनगंज थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसीपी अनवरगंज मोहम्मद अकमल खान का कहना है कि मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इस तरह दिया ठगी को अंजाम
संविदा कर्मियों की कंपनी के ठेकेदार का आरोपी परिचित है। उसने इन कर्मचारियों से संपर्क कर पीएफ की रकम निकलवाने की बात कही। इन कर्मचारियों ने उसको आधार नंबर समेत तमाम अहम जानकारियां दे दीं। यहां तक कि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और मोबाइल पर आने वाले ओटीपी भी शेयर कर दिया। उसी आधार पर आरोपी ने इन सभी कर्मचारियों के नाम से एक-एक फर्जी खाता खुलवाया। पीएफ की रकम उसमें ट्रांसफर कर ली।
निजी खातों से रकम भेज फंस गया मुकुल
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी मुकुल ने कुछ संविदा कर्मियों को पीएफ की कुछ रकम वापस की। इस दौरान उसने उनको अपने खाते से रकम ट्रांसफर की। जब मामला केस्को संगठन के पास पहुंचा तो उन्होंने इस तथ्य पर गौर किया। संगठन के दिनेश सिंह का कहना है कि पीएफ की रकम मुकुल के खाते से ट्रांसफर होने से शक हुआ था। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पूछताछ में आरोपी ने कबूला भी है।
संविदा कर्मियों की कंपनी के ठेकेदार का आरोपी परिचित है। उसने इन कर्मचारियों से संपर्क कर पीएफ की रकम निकलवाने की बात कही। इन कर्मचारियों ने उसको आधार नंबर समेत तमाम अहम जानकारियां दे दीं। यहां तक कि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और मोबाइल पर आने वाले ओटीपी भी शेयर कर दिया। उसी आधार पर आरोपी ने इन सभी कर्मचारियों के नाम से एक-एक फर्जी खाता खुलवाया। पीएफ की रकम उसमें ट्रांसफर कर ली।
निजी खातों से रकम भेज फंस गया मुकुल
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी मुकुल ने कुछ संविदा कर्मियों को पीएफ की कुछ रकम वापस की। इस दौरान उसने उनको अपने खाते से रकम ट्रांसफर की। जब मामला केस्को संगठन के पास पहुंचा तो उन्होंने इस तथ्य पर गौर किया। संगठन के दिनेश सिंह का कहना है कि पीएफ की रकम मुकुल के खाते से ट्रांसफर होने से शक हुआ था। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पूछताछ में आरोपी ने कबूला भी है।