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कहीं अातंकवादियाें तक ताे नहीं जा रहा था पंजाब आर्मरी से लूटे गए असलहाें का जखीरा

Sat, 23 Dec 2017 04:02 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 23 Dec 2017 04:02 PM IST
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Punjab Armoury arms and ammunition shop robbed in Uttar Pradesh
पंजाब आर्मरी लूटकांड

बांदा के पंजाब आर्मरी से लूटे गए असलहाें का जखीरा अाैर लुटेेराें काे ताे पुल‌िस ने दबाेच ल‌िया पर अब देश की अाधा दर्जन से अध‌िक जांच एजेंस‌ियां इस लूट के कारण काे तलाश रही हैं। नासिक पुलिस सह‌ित एटीएस अाैर मुंबई क्राइम ब्रांच की टीमें इस सवाल का जवाब तलाशने में जुट गईं हैं क‌ि बांदा से लूटे गए असलहाें अाैर कारतूसाें का जखीरा अातंकवाद‌ियाें तक नहीं जा रहा था। 

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पंजाब आर्मरी लूटकांड अब पूरी तरह हाई प्रोफाइल केस बन चुका है। अपनी सरहद में लुटेरों को दबोचने में नाकाम रही स्थानीय पुलिस को अब विवेचना में भी मायूसी हाथ लग रही है। देश की चुनिंदा जांच एजेंसी एटीएस समेत दिल्ली और मुंबई पुलिस जांच में जुटी हैं। यूपी की एटीएस टीम भी लुटेरों का इतिहास और भूगोल खंगाल रही है। दो बार मुंबई हो आई बांदा पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा। जांच कर रही बड़ी एजेंसियों के आगे बांदा पुलिस की दाल नहीं गल रही। 
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डीजीपी के गृह जनपद के मुख्यालय में स्टेशन रोड जैसे व्यस्त इलाके में शस्त्र की दुकान में पड़ी डकैती और 44 कीमती असलहों और 4146 कारतूसों की लूट मामले में बांदा पुलिस की शुरू से ही किरकिरी हो रही है। लुटेरों ने शहर के मध्य से पहले बस चुराई और फिर डकैती डाली। पुलिस को न बस की भनक लगी न डकैती की। यहां तक कि यूपी और एमपी की सरहद से लुटेरे बेरोकटोक 1300 किलोमीटर दूर नासिक तक पहुंच गए। अब यहां की पुलिस लुटेरों को अपने कब्जे में लेने की भरपूर जुगत में जुटी हुई है। लेकिन नासिक पुलिस ने लुटेरों को 28 दिसंबर तक रिमांड पर ले रखा है। इसी के बाद यहां की पुलिस को अदालत के जरिए लुटेरे हाथ आ सकते हैं। बांदा पुलिस बी वारंट जारी करने में जुटी है।
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उधर, एटीएस जहां लुटेरों का पूरा इतिहास और उनके जुड़े तारों की परतें खोलने की कोशिश कर रही है, वहीं बांदा पुलिस उन सूत्रधारों की तलाश में जुटी है जो नासिक के खूंखार डकैतों को बांदा तक लाने और लूट कराने में किसी भी तरह से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। मुंबई पुलिस भी बांदा पुलिस को कुछ भाव नहीं दे रही। यहां तक कि यहां से गई पुलिस टीमों को लुटेरों से मिलने का भरपूर मौका भी नहीं दिया। उनका फोटोग्राफ भी नहीं दिया। बमुश्किल चंद मिनट ही बांदा पुलिस लुटेरों से रूबरू हो पाई। 

नासिक पुलिस द्वारा पकड़े गए तीन लुटेरों में दो खूंखार बताए जा रहे हैं। इनमें बदरुज्ज्मां उर्फ सुक्का और नागेश पर मुंबई में तीन दर्जन से ज्यादा मुकदमें हैं। पकड़े गए बदमाशों के 20 दिनों पूर्व तक के काल डिटेल एटीएस तलाश रही है। नासिक पुलिस इस पर भी जांच कर रही है कि लूटे गए असलहे और कारतूस आतंकवादियों को तो पहुंचाने की योजना नहीं थी ?


ये था पूरा मामला, सीसीटीवी में कैद हुई थी वारदात
यूपी के बांदा में बुधवार देर रात डकैती की एक एेसी वारदात सामने अाई ज‌िसने प‌िछली सभी घटनाअाें को दरक‌िनार करते हुये सनसनी फैला दी थी।चाेरी की बस पर सवार हाेकर अाये बदमाशाें ने 50 लाख की राइफल, रिवाल्वर, बंदूकें अाैर कारतूस लूट ल‌िये थे। बदमाशाें ने 50 लाख की राइफल, रिवाल्वर, बंदूकें अाैर कारतूस लूट ल‌िये। ये घटना सीसीटीवी में कैद हाे गई। पुल‌िस ने इसी अाधार पर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। 

बांदा शहर का सबसे व्यस्त स्टेशन रोड इलाके की एक दुकान से लगभग 50 लाख रुपये के असलहे, करीब पांच लाख के चार हजार कारतूस और करीब 50 हजार रुपये लूट लिए। लूटे गए असलहों में राइफल, रिवाल्वर, बंदूकें हैं। डकैतों ने इससे पहले शहर के ही मर्दननाका इलाके से प्राइवेट बस चुराई अाैर चाेरी उसी से दुकान पर पहुंचे। आड़ के लिए दुकान के सामने बस खड़ी करके गैस कटर से दुकान के ताले काटे, चौकीदार को बंधक बनाया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। डीआईजी, एसपी ने भी मौका मुआयना किया। डाग स्क्वायड, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की भी मदद ली गई, पर डकैतों का ठोस सुराग नहीं मिला। डीआईजी ने लापरवाही में ईगल टीम के दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। 


डकैतों ने रात करीब 12 बजे रेलवे स्टेशन से बमुश्किल एक फर्लांग दूर मुख्य मार्ग पर स्थित पंजाब आर्मरी (सरदार गन हाउस) के सामने चोरी की बस खड़ी की, फिर गैस कटर से दुकान के चारों ताले काट दिए। इसी बीच वहां आए दुकान के चौकीदार 60 वर्षीय रतिराम को दबोच लिया और रस्सी से हाथ-पैर बांधकर मुंह में टेप चिपका कर दुकान के अंदर डाल दिया। गैस कटर से दुकान का लाकर काटकर विभिन्न बोर की डेढ़ दर्जन राइफलें, बंदूकें, रिवाल्वर, पिस्टल व विभिन्न बोर के चार हजार कारतूस लूट लिए। अलमारी में रखे 49,900 रुपये भी लूटे और बस वहीं छोड़कर भाग निकले। 

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