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ट्रेन में सुरक्षा होती तो बेटे का यह हाल न होता
डिजिटल टीम/अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 11 Sep 2016 10:35 PM IST
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अस्पताल में भर्ती त्रिपुरा का वह युवक जिसका फोन छीनकर चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया था।
- फोटो : kanpur amar ujala
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कामाख्या एक्सप्रेस से झकरकटी आउटर पर लूटकर फेंके गए युवक लाल डारलौंग के पिता एएसआई लाल रोहटा डारलौंग भी हैलट पहुंच गए। उन्होंने बताया कि अगर ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था होती तो शायद उनके बेटे का यह हाल न होता।
वहीं आपरेशन के बाद हैलट आईसीयू में भर्ती लाल डारलौंग की हालत में पहले से सुधार आया है। त्रिपुरा के नार्थ ईस्ट जिले के कुमार घाट निवासी लाल डारलौंग के पिता ने बताया कि लाल डारलौंग सात सितंबर को गुवाहाटी से दोस्तों के साथ अहमदाबाद के लिए निकला था।
रास्ते में हादसा हो गया। पिता लाल रोहटा डारलौंग ने बताया कि वह त्रिपुरा पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हैं। रोहटा डारलौंग ने आरोप लगाया कि अगर ट्रेन में थोड़ी सी भी सुरक्षा व्यवस्था होती तो यह घटना नहीं होती।
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वहीं आपरेशन के बाद हैलट आईसीयू में भर्ती लाल डारलौंग की हालत में पहले से सुधार आया है। त्रिपुरा के नार्थ ईस्ट जिले के कुमार घाट निवासी लाल डारलौंग के पिता ने बताया कि लाल डारलौंग सात सितंबर को गुवाहाटी से दोस्तों के साथ अहमदाबाद के लिए निकला था।
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रास्ते में हादसा हो गया। पिता लाल रोहटा डारलौंग ने बताया कि वह त्रिपुरा पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हैं। रोहटा डारलौंग ने आरोप लगाया कि अगर ट्रेन में थोड़ी सी भी सुरक्षा व्यवस्था होती तो यह घटना नहीं होती।
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