बेशर्मी की हदें पार, शोहदों ने गर्भवती के चेहरे पर मारी बोतल
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भीड़ ने एक शोहदे को दबोचने के बाद बजरिया पुलिस को सौंप दिया। जबकि दूसरा बाइक से भाग निकला। पीड़ित महिला ने बहनों सहित थाने जाकर पूरा वाकया बताया (इसकी रिकार्डिंग अमर उजाला के पास है)। इसके बावजूद पुलिस ने अपनी मर्जी के मुताबिक पीड़िता से तहरीर लिखाई और मामले को साधारण मारपीट और गाली-गलौज (आईपीसी की धारा 323, 324) में दर्ज कर लिया जबकि गर्भवती के साथ ऐसी वारदात से जान पर भी बन सकती है।
महिला के मुताबिक उसके और बहनों के शोर मचाने पर शोहदे बाइक पर बैठकर भागे लेकिन हड़बड़ाहट में बाइक फिसल गई तो शोहदे सड़क पर गिर गए। भीड़ ने एक शोहदे को पकड़ लिया जबकि उसका साथी बाइक से भाग निकला। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया शोहदा कर्नलगंज निवासी हसन है। उसका साथी शीबू बेकनगंज में रहता है। दोनों आरोपी प्राइवेट नौकरी करते हैं। महिला का उर्सला में इलाज कराने के बाद घर भेज दिया गया है। सवाल यह है कि जिस तरह वार किया गया, उससे गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की जान भी जा सकती थी। पुलिस ने इन बातों को दरकिनार कर आरोपियों के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज की रिपोर्ट दर्ज की है।
इंस्पेक्टर बजरिया धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गर्भवती महिला ने तहरीर और बयानों में छेड़छाड़ का जिक्र नहीं किया है। मारपीट और गाली-गलौज की बात कही है। उसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। विवेचना में छेड़छाड़ की बात आएगी तो एफआईआर में धाराओं में बढ़ोत्तरी की जाएगी।