{"_id":"5824cb1b4f1c1bc932b39e04","slug":"life-imprisonment-to-three-people-in-murdered","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के जुर्म में पत्नी, साली, साढ़ू को उम्र कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या के जुर्म में पत्नी, साली, साढ़ू को उम्र कैद
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 11 Nov 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर की एक अदालत ने गुरुवार को पति की हत्या के मामले में पत्नी समेत उसकी साली और साढू को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। भगवंतपुर चौबेपुर निवासी सतीश चंद्र शुक्ला ने अपने बेटे रवींद्र शुक्ला की पत्नी रिंपी, उस्मानपुर नौबस्ता निवासी साली मनोरमा बाजपेयी और साढ़ू अनिल बाजपेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा गया था कि उनका बेटा चार मई 2011 को अपने साढ़ू के घर गया था। रात में करीब डेढ़ बजे उसके पास फोन आया कि टेबिल फैन से टकराकर रवींद्र शुक्ला गिर गया था। बाद में उसके ऊपर तार समेत पंखा गिर गया और करंट से उसकी मौत हो गई। वह दूसरे दिन जब मौके पर पहुंचा तो उसने देखा कि बेटे का शव फर्श पर पड़ा है। उसके मुंह पर खून और शरीर नीला पड़ा गया था।
रवींद्र शुक्ला पर माता-पिता से अलग रहने का दवाब पत्नी रिंपी समेत साला और साढ़ू भी बनाते थे। इसी कारण वह अलग रहने लगा था। सहायक शासकीय अधिवक्ता ओपी सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों के निशान मिले थे। पंखे से टकराकर इतनी जगह चोटों के निशान नहीं आ सकते थे। गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसमें कहा गया था कि उनका बेटा चार मई 2011 को अपने साढ़ू के घर गया था। रात में करीब डेढ़ बजे उसके पास फोन आया कि टेबिल फैन से टकराकर रवींद्र शुक्ला गिर गया था। बाद में उसके ऊपर तार समेत पंखा गिर गया और करंट से उसकी मौत हो गई। वह दूसरे दिन जब मौके पर पहुंचा तो उसने देखा कि बेटे का शव फर्श पर पड़ा है। उसके मुंह पर खून और शरीर नीला पड़ा गया था।
विज्ञापन
रवींद्र शुक्ला पर माता-पिता से अलग रहने का दवाब पत्नी रिंपी समेत साला और साढ़ू भी बनाते थे। इसी कारण वह अलग रहने लगा था। सहायक शासकीय अधिवक्ता ओपी सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों के निशान मिले थे। पंखे से टकराकर इतनी जगह चोटों के निशान नहीं आ सकते थे। गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
विज्ञापन