{"_id":"7e4f2daa873a4f674a381ed7aca75709","slug":"dispute-between-lawyers-and-police-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकील के भाई को तमाचा मारने पर पुलिस से विवाद,फायरिंग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वकील के भाई को तमाचा मारने पर पुलिस से विवाद,फायरिंग
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 15 Mar 2015 03:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक अधिवक्ता के भाई को तेज रफ्तार से बाइक चलाने पर पीटने पर बिठूर में अधिवक्ता व गांव वालों का पुलिस से विवाद हो गया। भीड़ ने पुलिस वालों को घेर कर धक्का-मुक्की की। इस दौरान फायरिंग भी की गई। इससे हड़कंप मच गया। आस-पास के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और बिठूर थाना घेर लिया।
इस पर एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ कल्याणपुर अखिलेश सिंह सात थानों की फोर्स लेकर पहुंच गए। लोगों ने एसओ बिठूर और एसओ चौबेपुर के निलंबन की मांग की। अफसरों ने जांच करा दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया तब मामला शांत हुआ।
एसओ बिठूर का कहना है कि फायरिंग अधिवक्ता ने की जबकि वकील ने इससे इनकार किया। एसएसपी ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। वाकया शनिवार रात का है। बिठूर एसओ जसवंत सिंह चौहान फोर्स के साथ दहेज हत्या के एक मामले में गिरफ्तारी के लिए दबिश देने बैकुंठपुर गांव जा रहे थे।
विज्ञापन
गांव में एसओ को दो युवक तेज रफ्तार से बुलट चलाकर जाते दिखाई दिए। उन्होंने युवकों को रोका-टोका तो बुलट चला रहा युवक खुद को बैकुठपुर गांव निवासी अधिवक्ता सतेंद्र दुबे का भाई रोहित बताते हुए उनसे भिड़ गया। उसका साथी रामनरेश भी भिड़ने लगा तो एसओ ने रोहित को तमाचा जड़ दिया।
रोहित ने मोबाइल से फोन करके अधिवक्ता भाई को जानकारी दी। थोड़ी देर बाद सतेंद्र साथी अधिवक्ताओं व ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर एसओ और फोर्स को घेर लिया। एसओ का कहना है कि भीड़ ने उनसे व अन्य पुलिसकर्मियों को घेर कर बदसलूकी की।
अधिवक्ता सतेंद्र ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग की। इस पर उन्होंने आला अफसरों को घटना की सूचना दी। थोड़ी देर बाद एसपी ग्रामीण और सीओ सात थानों फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इस बीच एसओ बिठूर अपनी टीम के साथ वहां से निकल कर थाने आ गए।
एसओ के मुताबिक पीछे से अधिवक्ता व उनके समर्थक भी थाने आ गए और नारेबाजी-हंगामा करने लगे। सतेंद्र ने चौबेपुर एसओ नीरज यादव पर भी बदसलूकी का आरोप लगाया। उन्होंने तहरीर देकर दोनों थानेदारों के निलंबन की मांग की।
एसपी और सीओ ने मामले की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। तब मामला शांत हुआ। अधिवक्ता सतेंद्र दुबे ने पुलिस से बदसलूकी व अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि एसओ बिठूर व उनके सहकर्मियों ने भाई रोहित से बदसलूकी और मारपीट की है। एसओ चौबेपुर ने भी उनके साथ बदसलूकी की है।
बिठूर एसओ जसवंत सिंह चौहान और अधिवक्ता सतेंद्र दुबे के भाई रोहित के बीच विवाद हुआ था। भीड़ की तरफ से फायरिंग किए जाने की बात प्रकाश में आई है। अधिवक्ता ने फायरिंग से इनकार किया है। पुलिस की तरफ से अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
छानबीन में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ता अगर तहरीर देंगे तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।
-शलभ माथुर, एसएसपी, कानपुर नगर
विज्ञापन
इस पर एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ कल्याणपुर अखिलेश सिंह सात थानों की फोर्स लेकर पहुंच गए। लोगों ने एसओ बिठूर और एसओ चौबेपुर के निलंबन की मांग की। अफसरों ने जांच करा दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया तब मामला शांत हुआ।
विज्ञापन
एसओ बिठूर का कहना है कि फायरिंग अधिवक्ता ने की जबकि वकील ने इससे इनकार किया। एसएसपी ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। वाकया शनिवार रात का है। बिठूर एसओ जसवंत सिंह चौहान फोर्स के साथ दहेज हत्या के एक मामले में गिरफ्तारी के लिए दबिश देने बैकुंठपुर गांव जा रहे थे।
विज्ञापन
गांव में एसओ को दो युवक तेज रफ्तार से बुलट चलाकर जाते दिखाई दिए। उन्होंने युवकों को रोका-टोका तो बुलट चला रहा युवक खुद को बैकुठपुर गांव निवासी अधिवक्ता सतेंद्र दुबे का भाई रोहित बताते हुए उनसे भिड़ गया। उसका साथी रामनरेश भी भिड़ने लगा तो एसओ ने रोहित को तमाचा जड़ दिया।
रोहित ने मोबाइल से फोन करके अधिवक्ता भाई को जानकारी दी। थोड़ी देर बाद सतेंद्र साथी अधिवक्ताओं व ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर एसओ और फोर्स को घेर लिया। एसओ का कहना है कि भीड़ ने उनसे व अन्य पुलिसकर्मियों को घेर कर बदसलूकी की।
अधिवक्ता सतेंद्र ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग की। इस पर उन्होंने आला अफसरों को घटना की सूचना दी। थोड़ी देर बाद एसपी ग्रामीण और सीओ सात थानों फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इस बीच एसओ बिठूर अपनी टीम के साथ वहां से निकल कर थाने आ गए।
एसओ के मुताबिक पीछे से अधिवक्ता व उनके समर्थक भी थाने आ गए और नारेबाजी-हंगामा करने लगे। सतेंद्र ने चौबेपुर एसओ नीरज यादव पर भी बदसलूकी का आरोप लगाया। उन्होंने तहरीर देकर दोनों थानेदारों के निलंबन की मांग की।
एसपी और सीओ ने मामले की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। तब मामला शांत हुआ। अधिवक्ता सतेंद्र दुबे ने पुलिस से बदसलूकी व अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि एसओ बिठूर व उनके सहकर्मियों ने भाई रोहित से बदसलूकी और मारपीट की है। एसओ चौबेपुर ने भी उनके साथ बदसलूकी की है।
बिठूर एसओ जसवंत सिंह चौहान और अधिवक्ता सतेंद्र दुबे के भाई रोहित के बीच विवाद हुआ था। भीड़ की तरफ से फायरिंग किए जाने की बात प्रकाश में आई है। अधिवक्ता ने फायरिंग से इनकार किया है। पुलिस की तरफ से अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
छानबीन में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ता अगर तहरीर देंगे तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।
-शलभ माथुर, एसएसपी, कानपुर नगर