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अस्पताल में दुष्कर्म की कोशिश पर हुआ जमकर बवाल
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:26 AM IST
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कानपुर के हॉस्पिटल में बवाल
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कानपुर बर्रा के कर्रही रोड स्थित न्यू जागृति हास्पिटल के आईसीयू में भर्ती एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया है कि गुरुवार देर रात वार्ड ब्वॉय नेउसे नशीला इंजेक्शन लगाकर अश्लीलता की। महिला कर्मचारी न होने की बात कहकर उसके कपड़े भी बदले। सुबह होश में आने पर लड़की ने परिजनों को घटना की जानकारी दी तो बवाल हो गया।
परिजनों ने हास्पिटल में तोड़फोड़ और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इससे हास्पिटल में भर्ती मरीजों और तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए लोगों ने पुलिसकर्मियों से भी हाथापाई की। उन पर ईंट-पत्थर चलाए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति पर काबू पाया। पुलिस ने आरोपी वार्ड ब्वाय को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, मेडिकल करने वाले डफरिन अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक मेडिकल जांच में लड़की के प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान मिले हैं। स्लाइड बनाई गई हैं। इसे डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने पर साफ होगा कि रेप हुआ या नहीं। पुलिस के अनुसार लड़की की तरफ से दी गई तहरीर में रेप की ओर संकेत किया गया है लेकिन रेप की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
कर्रही निवासी एक कारोबारी की 17 वर्षीय बेटी क्षेत्र के एक कालेज में इंटर की छात्रा है। गुरुवार रात एक शादी समारोह में डांस करते वक्त वह बेहोश हो गई थी। परिजनों ने उसे न्यू जागृति हास्पिटल में भर्ती कराया था। नौबस्ता आवास विकास निवासी हास्पिटल कर्मी वार्ड ब्वॉय यूसुफ खान ने आईसीयू में भर्ती करके परिजनों से दस हजार रुपये जमा कराने को कहा। कारोबारी ने पांच हजार रुपये फौरन जमा करा दिए। शुक्रवार सुबह 5 बजे पिता ने बेटी को देखने की इच्छा जताई, लेकिन यूसुफ ने रोक दिया। हो-हल्ला करने के बाद वे आईसीयू में पहुंचे तो बेटी उन्हें देखते ही फफक पड़ी। उसने बताया कि रात में यूसुफ ने महिला कर्मचारी न होने की बात कहकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। जबरन उसके कपड़े बदलवाए। इसका विरोध करने पर यूसुफ ने उसे नशीला इंजेक्शन लगा दिया। इससे वह बेहोश हो गई। उसके बाद क्या हुआ, उसे पता नहीं, लेकिन इतना अहसास जरूर हुआ था कि उसके शरीर के ऊपर कोई चढ़ा है।
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बकौल कारोबारी, यह सुनते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि घटना की शिकायत करने पर हास्पिटल कर्मियों ने उन्हें पीट दिया। इसके बाद घटना की सूचना पाकर परिवार और मोहल्ले के लोग हास्पिटल पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की। कर्मचारियों को पीटा। बवाल की सूचना पर एसपी साउथ, सीओ गोविंद नगर कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराने की कोशिश की तो भड़के लोगों ने पुलिस से हाथापाई कर पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर हंगामा कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। तब मामला शांत हुआ।
सहमे मरीज, छोड़ा हास्पिटल
हास्पिटल में हंगामा और तोड़फोड़ के बाद अन्य मरीज और उनके तीमारदार सहम गए। तीमारदार खुद और मरीजों की जान बचाने के लिए हंगामा कर रहे लोगों के हाथ-पैर जोड़ते नजर आए। कुछ तीमारदार तो बवाल से इतना डर गए कि मरीज को दूसरे अस्पताल ले गए। स्ट्रेचर न मिलने पर तीमारदार अपने मरीज को कंधे पर ही उठाकर अस्पताल के बाहर ले गए।
आईसीयू में ही बदलवाए कपड़े
आरोपी युसूफ ने आईसीयू में ही नाबालिग लड़की के कपड़े बदलवाए। लड़की ने रात में जो कपड़े पहने थे। उसकी जगह आईसीयू का गाउन पहना दिया था। उस दौरान आईसीयू में कोई महिला कर्मी मौजद नहीं थी। नियमानुसार कपड़े बदलवाने के समय महिलाकर्मी का मौजूद रहना जरूरी था।
आईसीयू में थे केवल दो मरीज
हास्पिटल में पांच बेड का आईसीयू है। यहां नाबालिग लड़की के अलावा सिकंदरा (कानपुर देहात) की शकुंतला (60) भर्ती थीं। शकुंतला के बेटे निर्मल कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी मां बेहोश थीं। इस वजह से लड़की के संग आईसीयू में क्या हुआ, मां को नहीं मालूम।
बनाई गई स्लाइड
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लड़की की तीन स्लाइड बनी हैं। इन्हें सुरक्षित कर पुलिस को सौंपा गया है। स्लाइड को डीएनए जांच के लिए लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। दूसरी स्लाइड की जांच उर्सला की लैब में होगी। स्लाइड रिपोर्ट आने के बाद ही रेप हुआ या नहीं, साफ हो सकेगा।
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परिजनों ने हास्पिटल में तोड़फोड़ और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इससे हास्पिटल में भर्ती मरीजों और तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए लोगों ने पुलिसकर्मियों से भी हाथापाई की। उन पर ईंट-पत्थर चलाए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति पर काबू पाया। पुलिस ने आरोपी वार्ड ब्वाय को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, मेडिकल करने वाले डफरिन अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक मेडिकल जांच में लड़की के प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान मिले हैं। स्लाइड बनाई गई हैं। इसे डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने पर साफ होगा कि रेप हुआ या नहीं। पुलिस के अनुसार लड़की की तरफ से दी गई तहरीर में रेप की ओर संकेत किया गया है लेकिन रेप की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
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कर्रही निवासी एक कारोबारी की 17 वर्षीय बेटी क्षेत्र के एक कालेज में इंटर की छात्रा है। गुरुवार रात एक शादी समारोह में डांस करते वक्त वह बेहोश हो गई थी। परिजनों ने उसे न्यू जागृति हास्पिटल में भर्ती कराया था। नौबस्ता आवास विकास निवासी हास्पिटल कर्मी वार्ड ब्वॉय यूसुफ खान ने आईसीयू में भर्ती करके परिजनों से दस हजार रुपये जमा कराने को कहा। कारोबारी ने पांच हजार रुपये फौरन जमा करा दिए। शुक्रवार सुबह 5 बजे पिता ने बेटी को देखने की इच्छा जताई, लेकिन यूसुफ ने रोक दिया। हो-हल्ला करने के बाद वे आईसीयू में पहुंचे तो बेटी उन्हें देखते ही फफक पड़ी। उसने बताया कि रात में यूसुफ ने महिला कर्मचारी न होने की बात कहकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। जबरन उसके कपड़े बदलवाए। इसका विरोध करने पर यूसुफ ने उसे नशीला इंजेक्शन लगा दिया। इससे वह बेहोश हो गई। उसके बाद क्या हुआ, उसे पता नहीं, लेकिन इतना अहसास जरूर हुआ था कि उसके शरीर के ऊपर कोई चढ़ा है।
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बकौल कारोबारी, यह सुनते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि घटना की शिकायत करने पर हास्पिटल कर्मियों ने उन्हें पीट दिया। इसके बाद घटना की सूचना पाकर परिवार और मोहल्ले के लोग हास्पिटल पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की। कर्मचारियों को पीटा। बवाल की सूचना पर एसपी साउथ, सीओ गोविंद नगर कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराने की कोशिश की तो भड़के लोगों ने पुलिस से हाथापाई कर पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर हंगामा कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। तब मामला शांत हुआ।
सहमे मरीज, छोड़ा हास्पिटल
हास्पिटल में हंगामा और तोड़फोड़ के बाद अन्य मरीज और उनके तीमारदार सहम गए। तीमारदार खुद और मरीजों की जान बचाने के लिए हंगामा कर रहे लोगों के हाथ-पैर जोड़ते नजर आए। कुछ तीमारदार तो बवाल से इतना डर गए कि मरीज को दूसरे अस्पताल ले गए। स्ट्रेचर न मिलने पर तीमारदार अपने मरीज को कंधे पर ही उठाकर अस्पताल के बाहर ले गए।
आईसीयू में ही बदलवाए कपड़े
आरोपी युसूफ ने आईसीयू में ही नाबालिग लड़की के कपड़े बदलवाए। लड़की ने रात में जो कपड़े पहने थे। उसकी जगह आईसीयू का गाउन पहना दिया था। उस दौरान आईसीयू में कोई महिला कर्मी मौजद नहीं थी। नियमानुसार कपड़े बदलवाने के समय महिलाकर्मी का मौजूद रहना जरूरी था।
आईसीयू में थे केवल दो मरीज
हास्पिटल में पांच बेड का आईसीयू है। यहां नाबालिग लड़की के अलावा सिकंदरा (कानपुर देहात) की शकुंतला (60) भर्ती थीं। शकुंतला के बेटे निर्मल कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी मां बेहोश थीं। इस वजह से लड़की के संग आईसीयू में क्या हुआ, मां को नहीं मालूम।
बनाई गई स्लाइड
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लड़की की तीन स्लाइड बनी हैं। इन्हें सुरक्षित कर पुलिस को सौंपा गया है। स्लाइड को डीएनए जांच के लिए लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। दूसरी स्लाइड की जांच उर्सला की लैब में होगी। स्लाइड रिपोर्ट आने के बाद ही रेप हुआ या नहीं, साफ हो सकेगा।