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उमरगैंग की यमुनापट्टी में दबंगई
Updated Sat, 24 Feb 2018 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
खखरेरू। यमुना पट्टी में आतंक का पर्याय रहे उमर केवट गैंग के सदस्यों ने दशक भर बाद फिर सक्रियता दिखाई है। गैंग के सहयोगी माने जाने वाले एक परिवार ने प्रधान पर हमले के बाद दंपति की पिटाई की। खुलेआम असलहे लहराकर दहशत का माहौल बनाया है। पुलिस 12 घंटे में आरोपियों के खिलाफ तीन रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा है।
खखरेरू थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव के प्रधान शिवकली का बेटा राकेश कुमार पाल शुक्रवार शाम डढ़िया गांव में आवास का निरीक्षण करने पहुंचे थे। शिवगोरेलाल की पत्नी मधोलिया के आवास के पास रघुराज के पुत्र फुसुन, खिस्सू थे। आरोप है कि आवास न मिलने की खुन्नस में उन्होंने प्रधान पुत्र पर गोली चलाई। उसने मधोलिया के घर में घुसकर जान बचाई और पुलिस को खबर दी थी। पुलिस को देखकर आरोपी भाग निकले थे। पुलिस ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की। आरोपियों की तलाश में वह फुसुन के घर पहुंची। वहां से देसी बंदूक, भारी मात्रा में कारतूस, शराब भट्ठी, मादक पदार्थ बरामद किया।
एसआई रामकुमार की ओर से फुसुन के खिलाफ मामले में दूसरी रिपोर्ट कराई गई। आरोपी पक्ष को यह बात मालूम हुई तो वह शनिवार सुबह डढ़िया गांव पहुंचे। वहां प्रधान पुत्र को छिपाने वाले परिवार को पीटकर कहर बरपाया। तमंचे लहराकर ग्रामीणों को धमकाया। शिवगोरेलाल के परिवार के बब्बुन को पकड़ लिया। मारा पीटा और जंगल में दौड़ा लिया। गांव के लोगों के इकट्ठा होने पर आरोपी धमकी देकर भाग निकले। सूचना पर पुलिस पहुंची। बब्बुन के आरोप पर फुसुन, खिस्सू, तीसरे भाई नग्गू व भतीजे लवकुश के खिलाफ तीसरी रिपोर्ट सुबह दर्ज की गई।
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प्रधानपुत्र ने बताया कि इनके खिलाफ पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। परिवार दस्यु उमर केवट गैंग का शरणदाता रहा है। इनके परिवार के सदस्य गैंग में शामिल रहे हैं। गांव में ही दस साल पहले उमर गैंग से पुलिस मुठभेड़ के दौरान फुसुन के सबसे बड़े भाई चपरा की गोली लगने से मौत हो गई थी।
लवकुश के पिता मूलचंद्र को लखनऊ पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इनके चौथे नंबर के भाई गुड्डा की एक दशक पहले प्रधान पक्ष पर हमला के दौरान मौत हो गई थी। आरोपियों ने नसीरपुर गांव के बच्चा निषाद को एक हफ्ते पहले मारा पीटा था। इस तरह से परिवार के लोग फिर से गैंग बनाकर सक्रिय हुए हैं। कार्यवाहक थानेदार रामकुमार ने बताया कि आरोपियों की तेजी से तलाश की जा रही है। परिवार का उमर गैंग से कनेक्ट रहा है।
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खखरेरू। यमुना पट्टी में आतंक का पर्याय रहे उमर केवट गैंग के सदस्यों ने दशक भर बाद फिर सक्रियता दिखाई है। गैंग के सहयोगी माने जाने वाले एक परिवार ने प्रधान पर हमले के बाद दंपति की पिटाई की। खुलेआम असलहे लहराकर दहशत का माहौल बनाया है। पुलिस 12 घंटे में आरोपियों के खिलाफ तीन रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा है।
खखरेरू थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव के प्रधान शिवकली का बेटा राकेश कुमार पाल शुक्रवार शाम डढ़िया गांव में आवास का निरीक्षण करने पहुंचे थे। शिवगोरेलाल की पत्नी मधोलिया के आवास के पास रघुराज के पुत्र फुसुन, खिस्सू थे। आरोप है कि आवास न मिलने की खुन्नस में उन्होंने प्रधान पुत्र पर गोली चलाई। उसने मधोलिया के घर में घुसकर जान बचाई और पुलिस को खबर दी थी। पुलिस को देखकर आरोपी भाग निकले थे। पुलिस ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की। आरोपियों की तलाश में वह फुसुन के घर पहुंची। वहां से देसी बंदूक, भारी मात्रा में कारतूस, शराब भट्ठी, मादक पदार्थ बरामद किया।
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एसआई रामकुमार की ओर से फुसुन के खिलाफ मामले में दूसरी रिपोर्ट कराई गई। आरोपी पक्ष को यह बात मालूम हुई तो वह शनिवार सुबह डढ़िया गांव पहुंचे। वहां प्रधान पुत्र को छिपाने वाले परिवार को पीटकर कहर बरपाया। तमंचे लहराकर ग्रामीणों को धमकाया। शिवगोरेलाल के परिवार के बब्बुन को पकड़ लिया। मारा पीटा और जंगल में दौड़ा लिया। गांव के लोगों के इकट्ठा होने पर आरोपी धमकी देकर भाग निकले। सूचना पर पुलिस पहुंची। बब्बुन के आरोप पर फुसुन, खिस्सू, तीसरे भाई नग्गू व भतीजे लवकुश के खिलाफ तीसरी रिपोर्ट सुबह दर्ज की गई।
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प्रधानपुत्र ने बताया कि इनके खिलाफ पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। परिवार दस्यु उमर केवट गैंग का शरणदाता रहा है। इनके परिवार के सदस्य गैंग में शामिल रहे हैं। गांव में ही दस साल पहले उमर गैंग से पुलिस मुठभेड़ के दौरान फुसुन के सबसे बड़े भाई चपरा की गोली लगने से मौत हो गई थी।
लवकुश के पिता मूलचंद्र को लखनऊ पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इनके चौथे नंबर के भाई गुड्डा की एक दशक पहले प्रधान पक्ष पर हमला के दौरान मौत हो गई थी। आरोपियों ने नसीरपुर गांव के बच्चा निषाद को एक हफ्ते पहले मारा पीटा था। इस तरह से परिवार के लोग फिर से गैंग बनाकर सक्रिय हुए हैं। कार्यवाहक थानेदार रामकुमार ने बताया कि आरोपियों की तेजी से तलाश की जा रही है। परिवार का उमर गैंग से कनेक्ट रहा है।