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तगादे से आजिज एजेंट ने फांसी लगाकर दी जान
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crime
- फोटो : PUKHRANYA
पुखरायां। भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के अमरौधा कस्बे में गढ़ी दरवाजा निवासी एक युवक ने शुक्रवार भोर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक एक फाइनेंस कंपनी में एजेंट रहा है। कंपनी के अधिकारी अचानक आफिस बंद करके भाग गए थे, ग्राहक उससे तगादा कर रहे थे। मृतक युवक के पिता की सूचना पर पुलिस ने शव को फंदे से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
अमरौधा कस्बा के वार्ड नंबर-एक गढ़ी दरवाजा निवासी खलील ने बताया कि उसका बेटा तारिक(35) परिवार के साथ अलग रहता था। वह एक फाइनेंस कंपनी में एजेंट का काम करता था। कस्बा सहित आस पास गांवों के लोगों से रुपये कलेक्शन करके अमरौधा में खुले आफिस में जमा करता था। अचानक आफिस बंद कर उक्त कंपनी के अधिकारी फरार हो गए। तारिक की पहचान फाइनेंस कंपनी के अन्य आफिसों में नहीं थी। वह जानता भी नहीं था कि उनकी कहां-कहां शाखाएं हैं। वह तलाश करता रहा जिसमें उसको सफलता नहीं मिली। जिन लोगों ने रुपये जमा किए थे वह वापसी करने के लिए तगादा करने लगे।
वह परेशान रह रहा था। पैसों का इतना बंदोबस्त न होने के कारण वह लोगों को जवाब नहीं दे पा रहा था। शुक्रवार सुबह नहीं जगा तो उसकी पत्नी जीनत ने दरवाजा खटखटाया तो कोई अंदर से कोई आवाज नहीं आई। वह जोर-जोर से आवाज लगाने लगी। आवाज सुनकर परिवार के लोग एकत्रित हो गए। कमरे में लगी खिड़की को किसी तरह खोला गया। जिससे देखा कि तारिक का शव धन्नी से रस्सी के सहारे लटक रहा था। परिवार में कोहराम मच गया। बेटे का शव फांसी पर लटकता देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहुंच कर शव को नीचे उतारा।
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अमरौधा चौकी इंचार्ज अजीत सिंह ने बताया सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से अभी तहरीर नहीं दी गई है। मृतक की पत्नी मां तबरून और पत्नी जीनत सहित बेटों शारिक शाह(14), शाहिद शाह (13), जन्नत शाह(11), समीर शाह(9), शामिल शाह(7), सिमन शाह(6) जीन्न शाह(3) व समर शाह (एक) का हाल बेहाल हो गया।
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अमरौधा कस्बा के वार्ड नंबर-एक गढ़ी दरवाजा निवासी खलील ने बताया कि उसका बेटा तारिक(35) परिवार के साथ अलग रहता था। वह एक फाइनेंस कंपनी में एजेंट का काम करता था। कस्बा सहित आस पास गांवों के लोगों से रुपये कलेक्शन करके अमरौधा में खुले आफिस में जमा करता था। अचानक आफिस बंद कर उक्त कंपनी के अधिकारी फरार हो गए। तारिक की पहचान फाइनेंस कंपनी के अन्य आफिसों में नहीं थी। वह जानता भी नहीं था कि उनकी कहां-कहां शाखाएं हैं। वह तलाश करता रहा जिसमें उसको सफलता नहीं मिली। जिन लोगों ने रुपये जमा किए थे वह वापसी करने के लिए तगादा करने लगे।
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वह परेशान रह रहा था। पैसों का इतना बंदोबस्त न होने के कारण वह लोगों को जवाब नहीं दे पा रहा था। शुक्रवार सुबह नहीं जगा तो उसकी पत्नी जीनत ने दरवाजा खटखटाया तो कोई अंदर से कोई आवाज नहीं आई। वह जोर-जोर से आवाज लगाने लगी। आवाज सुनकर परिवार के लोग एकत्रित हो गए। कमरे में लगी खिड़की को किसी तरह खोला गया। जिससे देखा कि तारिक का शव धन्नी से रस्सी के सहारे लटक रहा था। परिवार में कोहराम मच गया। बेटे का शव फांसी पर लटकता देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहुंच कर शव को नीचे उतारा।
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अमरौधा चौकी इंचार्ज अजीत सिंह ने बताया सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से अभी तहरीर नहीं दी गई है। मृतक की पत्नी मां तबरून और पत्नी जीनत सहित बेटों शारिक शाह(14), शाहिद शाह (13), जन्नत शाह(11), समीर शाह(9), शामिल शाह(7), सिमन शाह(6) जीन्न शाह(3) व समर शाह (एक) का हाल बेहाल हो गया।