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Kanpur News: पटोला कारीगरी को आसान बनाने में आईआईटी से मदद लेगा क्राफ्ट रूट्स

Sat, 04 Oct 2025 02:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Oct 2025 02:44 AM IST
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Craft Roots will seek IIT assistance to simplify Patola craftsmanship
कानपुर। गुजरात की मशहूर लेकिन जटिल पटोला कारीगरी को आसान बनाने के लिए अब आईआईटी कानपुर मदद करेगा। इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल करके छोटे उपकरण बनाएगा।
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वहीं कारपेंटरी में इस्तेमाल होने वाले बड़े उपकरणों की जगह छोटे उपकरण तैयार किए जाएंगे जिससे कारीगर आसानी से उनका इस्तेमाल कर सके। यह जानकारी ग्रामश्री संस्था की शाखा क्राफ्ट रूट्स की संस्थापक अनार बेन पटेल ने प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर के साथ इसके लिए एमओयू साइन हुआ है।

अनार बेन ने बताया कि पटोला कारीगरी काफी मेहनत का काम है। अगर इसके लिए उपकरण मिल जाएंगे तो कारीगरों को काफी आसानी मिलेगी। छोटे-छोटे ग्रुप में लड़कियों को तैयार किया जाता है। जो आगे दूसरे ग्रुप तैयार करती हैं। साथ ही उन्होंने अहमदाबाद में खुलने वाले क्राफ्ट विवि की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि क्राफ्ट विवि का डीपीआर तैयार हो चुका है। विवि भले ही अहमदाबाद में खुल रहा हो लेकिन इसके 55 क्लस्टर बनाएंगे। इसमें से एक लेदर क्लस्टर कानपुर में भी खुलेगा। हालांकि पारंपरिक लेदर के बजाए वह प्लांट बेस्ड क्लस्टर पर काम करने वाली संस्था की भी खोज कर रही है।
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अनारबेन ने बताया कि देश में करीब ढाई करोड़ से अधिक कारीगर है। चार साल की पढ़ाई में लोगों को डिग्री मिल जाती है, लेकिन सालों से पुश्तैनी काम को आगे बढ़ा रहे लोगों के पास अभी तक कोई डिग्री नहीं है। इसके लिए ही प्रयास किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि क्राफ्ट इनोवेशन और इंक्यूबेशन सेंटर की शुरुआत अहमदाबाद में हो चुकी है। इसमें कारीगरों को उनकी कला बेहतर करने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत करने का भी काम किया जाता है। इसमें ऑनलाइन क्लास भी दी जाती है। कारीगरों को पहचान मिले इसके लिए दो कारीगरों को अभी तक विश्वविद्यालयों की ओर से डिलिट की उपाधि भी दी जा चुकी है।
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