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फतेहपुर: तिहरे हत्याकांड में होमगार्ड समेत पांच लोगों को उम्रकैद, पिता चाचा दो बेटे और एक भतीजा दोषी
Fri, 27 Sep 2019 08:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 27 Sep 2019 08:25 PM IST
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कोर्ट ने सुनाया फैसला
- फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे के विवाद में पिता-पुत्र और भाई की हत्या में होमगार्ड समेत पांच लोगों को उम्रकैद की सजा हुई है। दोषियों में भी एक होमगार्ड है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो राकेशधर दुबे की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने आठ आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में रिहा कर दिया है।
सजा पाने वाले तीन दोषियों पर 11-11 हजार रुपये और दो पर 10-10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। सभी दोषी इस समय जेल में हैं। प्रकरण गाजीपुर धाना क्षेत्र के बरुहा गांव के मजरे मन्नी का पुरवा का है। यहां के होमगार्ड रामशिरोमणि, छोटे भाई रामखेलावन और बेटा दिनेश के साथ 28 अगस्त 2013 को जमीन के मुकदमे की पैरवी के लिए सुबह करीब पौने नौ बजे फतेहपुर जा रहे थे।
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सजा पाने वाले तीन दोषियों पर 11-11 हजार रुपये और दो पर 10-10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। सभी दोषी इस समय जेल में हैं। प्रकरण गाजीपुर धाना क्षेत्र के बरुहा गांव के मजरे मन्नी का पुरवा का है। यहां के होमगार्ड रामशिरोमणि, छोटे भाई रामखेलावन और बेटा दिनेश के साथ 28 अगस्त 2013 को जमीन के मुकदमे की पैरवी के लिए सुबह करीब पौने नौ बजे फतेहपुर जा रहे थे।
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रास्ते में गांव के हंडू पंडित के खेत पर पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने तीनों को घेरकर हमला कर दिया था। घटना की जानकारी होने पर रामखेलावन की पत्नी रूपरानी और दिनेश की पत्नी सरोज ने बचाने की कोशिश की थी, लेकिन हमलावरों ने इनकी भी बेरहमी से पिटाई की थी। ग्रामीणों की भीड़ जुट जाने पर हमलावर बंदूक और तमंचों से फायरिंग करते भाग गए थे।
हमले में पिता-पुत्र और भाई की मौत हो गई थी। रामशिरोमणि के दूसरे बेटे प्रमोद कुमार ने कुल तेरह लोगों के खिलाफ थान में दहशत फैलाने, तीन लोगों की हत्या करने और जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में होमगार्ड गुलाब सिंह, राजकुमार, बाबू, मुन्ना, कोमल सिंह, सुनील सिंह, सर्वेश सिंह, पप्पू, पिंटू, अनिल सिंह, बचान, रामकिशोर, दशरथ को नामजद किया गया था।
हमले में पिता-पुत्र और भाई की मौत हो गई थी। रामशिरोमणि के दूसरे बेटे प्रमोद कुमार ने कुल तेरह लोगों के खिलाफ थान में दहशत फैलाने, तीन लोगों की हत्या करने और जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में होमगार्ड गुलाब सिंह, राजकुमार, बाबू, मुन्ना, कोमल सिंह, सुनील सिंह, सर्वेश सिंह, पप्पू, पिंटू, अनिल सिंह, बचान, रामकिशोर, दशरथ को नामजद किया गया था।
मामले की विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने की थी। न्यायाधीश राकेशधर दुबे ने अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता प्रमिल श्रीवास्तव और देवेंद्र भदौरिया के साथ बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद होमगार्ड गुलाब सिंह, उनके भतीजे कोमल सिंह, बेटों पिंटू यादव, पप्पू यादव व गुलाब के भाई मुन्ना यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
गुलाब सिंह और मुन्ना यादव पर 10-10 हजार रुपये और कोमल सिंह, पिंटू यादव और पप्पू यादव पर 11-11 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया है। इनके अलावा राजकुमार, बाबू, सुनील सिंह, सर्वेश सिंह, अनिल सिंह, बचान, रामकिशोर, दशरथ को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया है।
गुलाब सिंह और मुन्ना यादव पर 10-10 हजार रुपये और कोमल सिंह, पिंटू यादव और पप्पू यादव पर 11-11 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया है। इनके अलावा राजकुमार, बाबू, सुनील सिंह, सर्वेश सिंह, अनिल सिंह, बचान, रामकिशोर, दशरथ को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया है।