{"_id":"5daf1bde8ebc3e015c0cc8b5","slug":"court-sentenced-to-ten-years-for-misdeed-with-minor","type":"story","status":"publish","title_hn":"इटावा: नाबालिग को बनाया था दुष्कर्म का शिकार, कोर्ट ने सुनाई दस साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इटावा: नाबालिग को बनाया था दुष्कर्म का शिकार, कोर्ट ने सुनाई दस साल की सजा
Tue, 22 Oct 2019 08:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 22 Oct 2019 08:40 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala Graphics
इटावा में नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी को न्यायालय ने दस साल का कारावास सुनाया है। दुष्कर्मी पर 22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसमें 11 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता दशरथ सिंह चौहान ने बताया कि शहर के फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के ग्रामीण ने 9 सितंबर 2016 को मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें बताया था कि 8 सितंबर 2016 की रात करीब 9 बजे नाबालिग मानसिक रूप से कमजोर पुत्री छत पर थी। उसे गांव का रामलखन पुत्र सुरेश बहला फुसलाकर स्कूल की ओर ले गया। उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बेटी को ढूंढने निकले पिता को रामलखन मौके पर मिला था लेकिन वह जान से मारने की धमकी देकर भाग गया था। पुलिस ने धारा 376, 506 व 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने रामलखन कुशवाहा के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार चौरसिया की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की दलीलों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी रामलखन को दोषी करार दिया। सोमवार को न्यायालय ने दुष्कर्मी को धारा 376 के तहत 10 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया।
विज्ञापन
अर्थदंड अदा न करने पर तीन महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 506 (2) में दोषी पाने पर दो साल के कारावास व दो हजार रुपये का अर्थदंड दिया। इस अर्थदंड को अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी और कारावास बिताई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
विज्ञापन
इसमें बताया था कि 8 सितंबर 2016 की रात करीब 9 बजे नाबालिग मानसिक रूप से कमजोर पुत्री छत पर थी। उसे गांव का रामलखन पुत्र सुरेश बहला फुसलाकर स्कूल की ओर ले गया। उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बेटी को ढूंढने निकले पिता को रामलखन मौके पर मिला था लेकिन वह जान से मारने की धमकी देकर भाग गया था। पुलिस ने धारा 376, 506 व 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
विज्ञापन
पुलिस ने रामलखन कुशवाहा के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार चौरसिया की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की दलीलों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी रामलखन को दोषी करार दिया। सोमवार को न्यायालय ने दुष्कर्मी को धारा 376 के तहत 10 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया।
विज्ञापन
अर्थदंड अदा न करने पर तीन महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 506 (2) में दोषी पाने पर दो साल के कारावास व दो हजार रुपये का अर्थदंड दिया। इस अर्थदंड को अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी और कारावास बिताई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।