मेला देखकर घर लौट रही किशोरी को अगवा कर किया था दुष्कर्म, कोर्ट ने सुनाई 8 साल की सजा
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मेला देखकर घर लौट रही किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने वाले युवक को न्यायालय ने आठ साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में एक साल अतिरिक्त कारावास में रहना होगा।
उन्नाव सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने 2 अक्तूबर 2014 को गांव के ही भगवानदीन पर बेटी को अगवा कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पिता का आरोप था कि बेटी मझावारा मेला देखने गई थी। मेले से लौटते समय भगवानदीन ने अगवा कर लिया था। उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। एक सप्ताह तक अपने साथ रखा। इस बीच पुलिस ने आरोपी को किशोरी के साथ हिरासत में ले लिया।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने भगवानदीन पर लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। तभी से मामला विशेष न्यायाधीश पीसीएसओ एक्ट कोर्ट में विचाराधीन था। अंतिम सुनवाई में विशेष न्यायाधीश पीसीएसओ एक्ट राजेश उपाध्याय ने आरोपी पक्ष और वादी पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। शनिवार को उन्होंने पाक्सो एक्ट के मामले में भगवानदीन को आठ वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। भारतीय दंड संहिता की धारा 366 के तहत आरोपी को पांच वर्ष की कैद व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। वहीं अर्थदंड की पचास फीसदी धनराशि किशोरी को दी जाएगी।