Kanpur Assault Case: आरोपी पार्षद पति जेल से रिहा, बोले- न्याय पर भरोसा...निष्पक्ष जांच होगी, कही ये बड़ी बात
Kanpur News: अंकित की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि पुलिस अभी तक हमले में प्रयोग हथियार बरामद नहीं कर पाई, जो जमानत का बड़ा आधार बनी।
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कानपुर में दवा कारोबारी अमोलदीप सिंह से मार पीटकर आंख फोड़ने के आरोप में जेल में बंद भाजपा पार्षद सौम्या शुक्ला के पति अंकित शुक्ला और उसके साथी सूरज तिवारी गुरुवार को जिला जेल से रिहा हो गए। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी जमानतियों का सत्यापन और त्योहारी छुट्टी की वजह से परवाना कोर्ट से जेल पहुंचने में हुई देरी के चलते दोनों छह दिन और जेल में रहे।
जेल से रिहा होने के बाद अंकित ने कहा कि उन्हें देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरी तरह से भरोसा है। उम्मीद जताई कि मामले की निष्पक्ष ढंग से जांच हुई तो खिलाफ रची गई झूठी कहानी से पर्दा हट जाएगा। 24 सितंबर की रात जीटी रोड पर सिटी क्लब के सामने पार्षद सौम्या शुक्ला के पति भाजपा नेता अंकित शुक्ला की गाड़ी व्यापारी अमोलदीप सिंह की थार से टकरा गई थी।
पुलिस ने अमोलदीप के खिलाफ भी केस दर्ज किया था
विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इस दौरान अमोलदीप की आंख में गंभीर चोट आ गई थी। पुलिस ने रायपुरवा थाने में पहले भाजपा नेता और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके करीब एक हफ्ते बाद पार्षद की ओर से दी तहरीर पर पुलिस ने अमोलदीप के खिलाफ भी केस दर्ज किया था।
हमले में प्रयोग हथियार बरामद नहीं कर पाई है पुलिस
केस दर्ज होने के बाद से अंकित फरार थे, लेकिन जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी के कार्यालय में उन्होंने करीब हफ्ते बाद सरेंडर किया था। तब से वह जेल में थे। अंकित की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि पुलिस अभी तक हमले में प्रयोग हथियार बरामद नहीं कर पाई, जो जमानत का बड़ा आधार बनी।
आज हो सकती है अन्य आरोपियों की रिहाई
अंकित और सूरज की रिहाई के बाद अब शुक्रवार को मामले के तीन अन्य आरोपियों की भी रिहाई का भी रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों के अनुसार तीनों आरोपियों के जमानतदारों का सत्यापन हो चुका है। परवाना शुक्रवार सुबह जेल पहुचंने की संभावना है, जिसके बाद उनकी भी जेल से रिहाई हो जाएगी।