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Corona In Kanpur: सामान्य वायरल फीवर में कोरोना जैसी हालत, रोगियों की कोविड रिपोर्ट आ रही निगेटिव
Thu, 19 Aug 2021 10:46 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 19 Aug 2021 10:46 AM IST
सार
डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य फ्लू वायरस का नया वैरिएंट हो सकता है। ये नए तरह के लक्षण दे रहा है, लेकिन खतरनाक नहीं है। इसके अलावा फ्लू की वैक्सीन लगवाकर इससे बचा जा सकता है।
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कोरोना से मचा था कोहराम
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सामान्य वायरल फीवर में रोगियों को सांस की तकलीफ कोरोना जैसी हो रही है। फेफड़ों में न्यूमोनाइटिस होने के साथ ऑक्सीजन लेवल कम आ रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनकी जांच रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आ रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य फ्लू वायरस का नया वैरिएंट हो सकता है। ये नए तरह के लक्षण दे रहा है, लेकिन खतरनाक नहीं है। इसके अलावा फ्लू की वैक्सीन लगवाकर इससे बचा जा सकता है। बुधवार को हैलट ओपीडी आए राजकिशोर वर्मा (51) को दो दिन पहले बुखार आया था।
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डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य फ्लू वायरस का नया वैरिएंट हो सकता है। ये नए तरह के लक्षण दे रहा है, लेकिन खतरनाक नहीं है। इसके अलावा फ्लू की वैक्सीन लगवाकर इससे बचा जा सकता है। बुधवार को हैलट ओपीडी आए राजकिशोर वर्मा (51) को दो दिन पहले बुखार आया था।
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इसके बाद गले में दर्द और सांस फूलनी शुरू हो गई। बाद में उन्हें गंभीर हालत में भर्ती किया गया। इसी तरह बिल्हौर के इम्तियाज (32) को निजी डॉक्टर ने हैलट रेफर कर दिया। इन दोनों रोगियों की जांच की गई तो कोरोना की जांच निगेटिव आई है।
ये दो रोगी तो उदाहरण हैं। हैलट में आ रहे वायरल फीवर के रोगियों को यही दिक्कत हो रही है। मेडिसिन विभाग के सीनियर फिजीशियन डॉ. एसके गौतम ने बताया कि वायरल संक्रमण का असर फेफड़ों पर होता है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य सीनियर फिजीशियन डॉ. एसके कटियार ने बताया कि इस बार वायरल फीवर के रोगी कुछ बदले हुए लक्षण के साथ आ रहे हैं। डॉ. कटियार का कहना है कि फ्लू वायरस का नया वैरिएंट हो सकता है। लोग फ्लू वैक्सीन लगवा सकते हैं। यह साल में एक बार लगवानी होती है। रोगियों में गंभीर लक्षण नहीं उभर रहे हैं।
ये दो रोगी तो उदाहरण हैं। हैलट में आ रहे वायरल फीवर के रोगियों को यही दिक्कत हो रही है। मेडिसिन विभाग के सीनियर फिजीशियन डॉ. एसके गौतम ने बताया कि वायरल संक्रमण का असर फेफड़ों पर होता है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य सीनियर फिजीशियन डॉ. एसके कटियार ने बताया कि इस बार वायरल फीवर के रोगी कुछ बदले हुए लक्षण के साथ आ रहे हैं। डॉ. कटियार का कहना है कि फ्लू वायरस का नया वैरिएंट हो सकता है। लोग फ्लू वैक्सीन लगवा सकते हैं। यह साल में एक बार लगवानी होती है। रोगियों में गंभीर लक्षण नहीं उभर रहे हैं।