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कानपुर के चमड़ा उद्योग पर कोरोना का कहर, एक हजार करोड़ के ऑर्डर निरस्त

Thu, 26 Mar 2020 01:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 26 Mar 2020 01:53 AM IST
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Corona havoc on leather industry in Kanpur order of one thousand crore cancelled
demo pic - फोटो : अमर उजाला

कोरोना वायरस के चलते चमड़ा उद्योग को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। एक हफ्ते में ही कानपुर से करीब एक हजार करोड़ के आर्डर निरस्त हुए हैं। देशभर में यह आंकड़ा 7600 करोड़ तक पहुंच गया है। 

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भारत समेत दुनिया भर के तमाम देशों में कोरोना का संक्रमण होने की वजह से आयातक देशों ने माल लेने से मना कर दिया है। इनमें फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, यूएसए समेत दर्जन भर देश शामिल हैं। 
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शहर के कई निर्यातकों ने आर्डर पूरे करके माल भिजवाया भी, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से संबंधित देशों ने जहाजों को प्रवेश नहीं दिया। इस वजह से कई सौ करोड़ का माल रास्ते में फंसा है। इसके अलावा कई देशों में भारत की तरह ही संपूर्ण बंदी लागू है। ऐसे में खरीदारी पूरी तरह बंद है। यह स्थिति लगातार बने रहने की आशंका है। 
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चमड़ा उद्योग पर भविष्य के संकट को देखते हुए चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष पीआर अकील ने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। इनका कहना है कि संपूर्ण बंदी खत्म होने के बाद जब माल पहुंचेगा तो उसके बाद ही भुगतान मिलेगा। आर्डर पूरा करने और भुगतान न मिलने की वजह से अगले उत्पादन के लिए कार्यशील पूंजी का संकट पैदा हो गया है। 

इस वजह से बैंकों को कारोबारियों की क्रेडिट लिमिट 50 फीसदी तक बढ़ाने के लिए कहा जाए। कारोबार न हो पाने की वजह से ऋण की किस्तें अदा करने में भी परेशानी आ रही है। जब तक देश में कोरोना संकट है, कारोबारियों के ऋण की किस्तों के लिए दबाव न बनाया जाए। 


इस दौर का ऋण ब्याज भी माफ किया जाए। जीएसटी और ड्यूटी ड्रा बैक के रिफंड तत्काल प्रभाव से जारी किए जाएं। तीन महीने के बिजली बिल से राहत दिलाई जाए। कर्मचारियों के वेतन का 60 फीसदी हिस्सा सरकार की ओर से दिया जाए।

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