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सिपाही भर्ती पेपर लीक मामला: सीडीआर में नहीं मिले साक्ष्य, अब व्हाट्सएप से पुलिस को आस

Sun, 03 Mar 2024 12:19 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 03 Mar 2024 12:19 AM IST
सार

पेपर लीक कांड में घाटमपुर के अन्य वकील की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि शातिरों ने लीक पेपर के संबंध में बातचीत के लिए व्हाट्सएप कॉल या चैट का इस्तेमाल किया होगा। पुलिस को अब उनके मोबाइल से व्हाट्सएप चैट के रिकवर होने के बाद साक्ष्य मिलने की आस है।

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Constable recruitment paper leak case, Evidence not found in CDR, now police have hope through WhatsApp
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में शातिरों ने पुलिस को चकमा देने के लिए इस संबंध में न तो किसी से सामान्य कॉल का इस्तेमाल किया और न ही मैसेज किया। जांच अधिकारी को उनके मोबाइल की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) में ऐसा कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, जिसे आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सके। ऐसे में माना जा रहा है कि शातिरों ने लीक पेपर के संबंध में बातचीत के लिए व्हाट्सएप कॉल या चैट का इस्तेमाल किया होगा।

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पुलिस को अब उनके मोबाइल से व्हाट्सएप चैट के रिकवर होने के बाद साक्ष्य मिलने की आस है। 18 फरवरी को हुई सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा में नकल करते पकड़े गए प्रदीप कुमार के मामले की जांच गोविंदनगर पुलिस कर रही है। पुलिस की जांच में नौबस्ता निवासी वकील आशीष सचान का नाम प्रकाश में आया था, जिसने लीक पेपर अभ्यर्थी को मुहैया कराए थे।

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पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूछताछ में पता चला कि घाटमपुर के एक अन्य वकील ने लीक पेपर नौबस्ता के वकील को उपलब्ध कराया था। घाटमपुर निवासी वकील को पकड़ने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद अब एक टीम गठित की गई है। इसमें पुलिस के अलावा सर्विलांस और साइबर विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

वहीं, आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर से गोविंदनगर पुलिस को कोई साक्ष्य न मिल पाने पर अब एसटीएफ की मदद से पुलिस उनके मोबाइल का व्हाट्सएप डाटा रिकवर करने में जुटी है। पुलिस को उम्मीद है कि शातिरों ने पकड़ से बचने के लिए लीक पेपर के संबंध में व्हाट्सएप कॉल या चैट का ही इस्तेमाल किया होगा। उधर, आरोपी अधिवक्ता को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए अगले हफ्ते कोर्ट में अर्जी डाल सकती है, जिसके बाद वकील से पूछताछ में कुछ अहम लिंक भी सामने आ सकते हैं। पुलिस वकील से पूछताछ के लिए सवालों की सूची तैयार कर रही है।

घाटमपुर के आरोपी वकील की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार करके पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।- अमरनाथ यादव, एसीपी, बाबूपुरवा

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