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Kanpur News: चकबंदी कर्मचारियों के साथ मारपीट, बंद कराया काम
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चित्रकूट। राजापुर थाना क्षेत्र के डुडौली गांव में चकबंदी कार्य के समय ग्रामीण ने कर्मचारियों के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट की। विरोध करने पर सहायक चकबंदी अधिकारी को दुष्कर्म के झूठे मुकदमा में फंसाने की धमकी दी। उधर ग्रामीणोें ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
सहायक चकबंदी अधिकारी पहाड़ी प्रथम सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि चकबंदी कर्ता ओमप्रकाश शर्मा, कमलेश कुमार, लेखपाल नागेंद्र कुमार डुडौली गांव निवासी अशोक कुमार के गाटा में चक पैमाइश का काम कर रहे थे। तभी ग्रामीण राम सरोज आया और कर्मचारियों के साथ धक्का मुक्की करते हुए गाली गलौज करने लगा व मारपीट की। काम भी बंद करा दिया।
मना करने पर दुष्कर्म के झूठे मुकदमा में फंसाने की धमकी देने लगा और झूठे गवाह भी बनाने के लिए कहने लगा। दोबारा गांव आने पर देख लेने की धमकी दी। बुधवार को थाना प्रभारी यदुवीर सिंह ने बताया कि आरोपी के खेत में कोई काम नहीं हो रहा था। इसके बाद भी आरोपी ने गाली करते हुए मारपीट की और धमकी दी। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। इसके बाद बुधवार को चकबंदी की टीम फिर से गांव पहुंची और नापजोख करने केलिए ग्रामीणोंसे बातचीत की। पूरे गांव में माहौल तनावपूर्ण बना है।
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इनसेट
प्रधान ने ग्रामीण का लिया पक्ष
कलवलिया गांव के पूर्व प्रधान अखिलेश सिंह ने बताया कि रामसरोज की कोई गलती नहीं है।गांव के 52 लोगों ने चकबंदी प्रक्रिया को गलत बताते हुए इसका नये सिरे से सर्वे कराने की मांग हो रही है। इसका मामला भी चकबंदी न्यायालय में पांच माह से विचाराधीन है। इसके बाद भी विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को गांव आकर जांच नाप शुरु कर दी। रामसरोज के खेत से नाप शुरु करने का उसने विरोध किया। कहा कि जब मामला अदालत में है तो पहले उसका निस्तारण हो इसके बाद उसके खेत से नाप हो।इसी बात को लेकर अधिकारियों से नोकझोंक हुई। अधिकारियों को मारा पीटा नहीं गया है। यह गलत आरोप लगा रहे हैं।
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सहायक चकबंदी अधिकारी पहाड़ी प्रथम सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि चकबंदी कर्ता ओमप्रकाश शर्मा, कमलेश कुमार, लेखपाल नागेंद्र कुमार डुडौली गांव निवासी अशोक कुमार के गाटा में चक पैमाइश का काम कर रहे थे। तभी ग्रामीण राम सरोज आया और कर्मचारियों के साथ धक्का मुक्की करते हुए गाली गलौज करने लगा व मारपीट की। काम भी बंद करा दिया।
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मना करने पर दुष्कर्म के झूठे मुकदमा में फंसाने की धमकी देने लगा और झूठे गवाह भी बनाने के लिए कहने लगा। दोबारा गांव आने पर देख लेने की धमकी दी। बुधवार को थाना प्रभारी यदुवीर सिंह ने बताया कि आरोपी के खेत में कोई काम नहीं हो रहा था। इसके बाद भी आरोपी ने गाली करते हुए मारपीट की और धमकी दी। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। इसके बाद बुधवार को चकबंदी की टीम फिर से गांव पहुंची और नापजोख करने केलिए ग्रामीणोंसे बातचीत की। पूरे गांव में माहौल तनावपूर्ण बना है।
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प्रधान ने ग्रामीण का लिया पक्ष
कलवलिया गांव के पूर्व प्रधान अखिलेश सिंह ने बताया कि रामसरोज की कोई गलती नहीं है।गांव के 52 लोगों ने चकबंदी प्रक्रिया को गलत बताते हुए इसका नये सिरे से सर्वे कराने की मांग हो रही है। इसका मामला भी चकबंदी न्यायालय में पांच माह से विचाराधीन है। इसके बाद भी विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को गांव आकर जांच नाप शुरु कर दी। रामसरोज के खेत से नाप शुरु करने का उसने विरोध किया। कहा कि जब मामला अदालत में है तो पहले उसका निस्तारण हो इसके बाद उसके खेत से नाप हो।इसी बात को लेकर अधिकारियों से नोकझोंक हुई। अधिकारियों को मारा पीटा नहीं गया है। यह गलत आरोप लगा रहे हैं।